नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि सरकार की लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (LPMS) और स्मार्ट बॉर्डर पहल देश की सीमाओं को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और अभेद्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि इन पहलों के जरिए सीमा क्षेत्रों में होने वाली अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा और वैध व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।
नई दिल्ली में देश के सभी लैंड पोर्ट के संचालन को डिजिटल और सुव्यवस्थित बनाने के लिए विकसित केंद्रीकृत प्लेटफॉर्म एलपीएमएस के शुभारंभ अवसर पर गृह मंत्री ने कहा कि अगले तीन वर्षों में 11 नए लैंड पोर्ट विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही देश में लैंड पोर्ट की कुल संख्या बढ़कर 26 हो जाएगी। उन्होंने बताया कि लैंड पोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की अवधारणा वर्ष 2012 में सामने आई थी, लेकिन वर्ष 2014 के बाद पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इसे नई दिशा और गति मिली।
अमित शाह ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास, वैध व्यापार को प्रोत्साहन देने और अवैध प्रवासन जैसी चुनौतियों से निपटने में भूमि बंदरगाहों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। एलपीएमएस के लागू होने से सिंगल विंडो क्लियरेंस प्रणाली के जरिए लगभग 90 प्रतिशत कागजी प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी, जबकि 40 से 60 प्रतिशत तक प्रतीक्षा समय में कमी आएगी। इससे व्यापार और आवागमन दोनों अधिक आसान और पारदर्शी बनेंगे।
गृह मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार स्मार्ट बॉर्डर की अवधारणा के तहत चार सूत्रीय रणनीति पर काम कर रही है, जिसमें आधुनिक तकनीक, बेहतर निगरानी व्यवस्था और डिजिटल प्रबंधन को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि एलपीएमएस में सुरक्षा के साथ-साथ सभी हितधारकों की जरूरतों का भी विशेष ध्यान रखा गया है।
शाह ने कहा कि यह पहल भारत की सीमा प्रबंधन व्यवस्था को वैश्विक स्तर के अनुरूप बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक गतिविधियों दोनों को मजबूती मिलेगी।
