छत्तीसगढ़ में LPG की किल्लत: एजेंसियों में लंबी कतारें, इंडक्शन की डिमांड 20% बढ़ी; प्रशासन का दावा- स्टॉक पर्याप्त

रायपुर। अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब छत्तीसगढ़ की रसोई तक पहुंच गया है। प्रदेश में एलपीजी गैस सिलेंडरों की कमी की आहट से हड़कंप मचा हुआ है। रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग समेत कई जिलों में गैस एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। हालात ऐसे हैं कि लोग तेज धूप में घंटों खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।

सर्वर ठप, बुकिंग के लिए 12 दिन का वेटिंग पीरियड

गैस किल्लत के बीच तकनीकी दिक्कतों ने आम जनता की मुसीबत और बढ़ा दी है। फिलहाल ऑनलाइन और मिस्ड कॉल के जरिए बुकिंग अस्थायी रूप से बंद है।
जिन उपभोक्ताओं ने पहले से बुकिंग करा रखी है, उन्हें भी डिलीवरी के लिए 10 से 12 दिन का इंतजार करने को कहा जा रहा है।
गैस की अनिश्चितता को देखते हुए बाजार में बिजली से चलने वाले इंडक्शन चूल्हों की मांग में 10 से 20 फीसदी का उछाल आया है।

कालाबाजारी पर एक्शन: प्रदेश भर में 500 सिलेंडर जब्त
सिलेंडर की कमी की खबरों के बीच जमाखोरी और व्यावसायिक उपयोग की शिकायतें बढ़ गई हैं। रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर खाद्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है।

रायपुर के सेजबहार, धरसींवा और अभनपुर क्षेत्रों में होटलों और कमर्शियल सेंटरों पर दबिश दी गई। अकेले रायपुर में 350 और पूरे प्रदेश में लगभग 500 सिलेंडर जब्त किए गए हैं। इसमें घरेलू सिलेंडरों का कमर्शियल उपयोग करने वाले सेंटर भी शामिल हैं।

प्रशासन की अपील: “घबराएं नहीं, स्थिति सामान्य है”

चौतरफा मची अफरा-तफरी के बीच प्रशासन ने सफाई दी है कि प्रदेश में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। किल्लत की खबरें महज अफवाह हैं और पैनिक बुकिंग की वजह से भीड़ बढ़ रही है। खाद्य विभाग ने चेतावनी दी है कि घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग करने वालों पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

Exit mobile version