मुंबई। महाराष्ट्र सरकार लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण के खिलाफ नया कानून लाने की तैयारी में है। इसके लिए एक 7 सदस्यीय पैनल बनाया गया है, जिसकी अध्यक्षता राज्य के DGP संजय वर्मा करेंगे।
इस पैनल में महिला एवं बाल कल्याण, अल्पसंख्यक मामलों, कानून, गृह, और अन्य प्रमुख विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल किए गए हैं। यह पैनल लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण से जुड़ी शिकायतों को कैसे निपटाया जाए, इसके लिए सुझाव देगा। इसके अलावा, यह पैनल दूसरे राज्यों में लागू कानूनों का अध्ययन करेगा और महाराष्ट्र में लागू किए जाने वाले कानून के बारे में सरकार को सलाह देगा।
महाराष्ट्र में लव जिहाद का मुद्दा
महाराष्ट्र में लव जिहाद का मुद्दा श्रद्धा वाकर की हत्या के बाद उठा था। श्रद्धा वाकर की 2022 में दिल्ली में उसके बॉयफ्रेंड आफताब पूनावाला ने हत्या कर दी थी और शव के टुकड़े कर दिए थे। भाजपा ने इस घटना के बाद लव जिहाद का मुद्दा उठाया था।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
विपक्षी पार्टी एनसीपी की नेता सुप्रिया सुले ने कहा कि शादी या प्रेम एक निजी मामला है। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह असल मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करे, जैसे अमेरिका द्वारा लगाए गए नए टैरिफ जो देश की अर्थव्यवस्था पर असर डाल सकते हैं।
फडणवीस की टिप्पणी:
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 2024 में कहा था कि एक दशक पहले लव जिहाद को लेकर कुछ घटनाएं ही सुनी जाती थीं, लेकिन अब एक लाख से अधिक शिकायतें आ चुकी हैं। इन शिकायतों में हिंदू महिलाओं को धोखा देकर शादी के लिए बहलाने की घटनाएं शामिल हैं।
कानूनी प्रावधान
कानून के तहत, अगर कोई व्यक्ति धर्म परिवर्तन के लिए किसी पर दबाव बनाता है, बल का प्रयोग करता है, या जान-माल का डर दिखाता है, तो उसे आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा हो सकती है। विभिन्न राज्यों में सजा के प्रावधान अलग-अलग हैं।
यूपी और राजस्थान में कानून:
उत्तर प्रदेश सरकार ने 2021 में लव जिहाद के खिलाफ कानून पारित किया था, जिसमें अधिकतम 10 साल की सजा और 50 हजार रुपये का जुर्माना था। राजस्थान में भी 16 साल बाद लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण के खिलाफ बिल पेश किया गया है, जिसे जल्द लागू किया जा सकता है।