शराब घोटाला केस: 379 दिन बाद कवासी लखमा आज हो सकते हैं रिहा, सुप्रीम कोर्ट ने दी अंतरिम जमानत

रायपुर। छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) से जुड़े मामलों में उन्हें अंतरिम जमानत मंजूर कर दी है। 379 दिन जेल में बिताने के बाद कवासी लखमा आज रिहा हो सकते हैं। जानकारी के मुताबिक, उनकी रिहाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शाम करीब 4 बजे तक उन्हें जेल से बाहर लाया जा सकता है।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने जमानत के साथ कड़ी शर्तें भी लगाई हैं। लखमा को छत्तीसगढ़ से बाहर रहना होगा, लेकिन कोर्ट में पेशी या कानूनी प्रक्रिया के दौरान वे राज्य में आ सकेंगे। इसके अलावा उन्हें अपना पासपोर्ट जमा करना अनिवार्य होगा। साथ ही अपना वर्तमान पता और मोबाइल नंबर संबंधित पुलिस थाने में दर्ज कराना भी जरूरी होगा, ताकि उनकी निगरानी की जा सके।

ED ने कवासी लखमा को 15 जनवरी 2025 को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद 7 दिन की रिमांड पर उनसे पूछताछ की गई। इसके बाद 21 जनवरी से 4 फरवरी तक उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया और तब से वे रायपुर सेंट्रल जेल में बंद थे।

तीन महीने पहले सुप्रीम कोर्ट ने ED को फटकार लगाते हुए पूछा था कि आखिर कौन-सी जांच अभी तक अधूरी है। कोर्ट ने यह भी पूछा था कि जांच पूरी करने में कितना समय लगेगा। सुप्रीम कोर्ट ने ED को आदेश दिया था कि जांच अधिकारी व्यक्तिगत एफिडेविट दाखिल कर बताए कि लखमा के खिलाफ कौन-सी जांच चल रही है।

ED का आरोप है कि कवासी लखमा शराब सिंडिकेट के अहम हिस्सा थे और उनके निर्देश पर ही सिंडिकेट काम करता था। एजेंसी का दावा है कि शराब नीति में बदलाव और FL-10 लाइसेंस की शुरुआत में भी उनकी भूमिका रही।

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