दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बयानों को लेकर पीएम मोदी पर कड़ा हमला बोला। खड़गे ने कहा कि मोदी ट्रंप के सामने क्यों झुक रहे हैं, यह समझ से बाहर है। देश ने उन्हें प्रधानमंत्री केवल सिर हिलाने के लिए नहीं चुना। उन्होंने देश की विदेश नीति पर चिंता जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को भारत के हितों के लिए खड़ा होना चाहिए।
खड़गे का बयान ट्रम्प के उस दावे के बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा कि भारत ने रूस से तेल आयात घटाया ताकि वे उन्हें खुश कर सकें। खड़गे ने वेनेजुएला में बन रही स्थिति पर भी चिंता जताई और कहा कि डराने और विस्तारवादी नीति लंबे समय तक काम नहीं करती। हिटलर और मुसोलिनी जैसे लोग इतिहास बन चुके हैं, ऐसे प्रयास वैश्विक शांति को नुकसान पहुंचाते हैं।
कांग्रेस ने तीन प्रमुख सवाल उठाए: क्या भारत की विदेश नीति अब अमेरिका तय कर रहा है? क्या रूस से तेल आयात घटाने का फैसला ट्रम्प को खुश करने के लिए लिया गया? ट्रम्प की धमकियों पर मोदी चुप क्यों हैं?
खड़गे ने ट्रम्प के भारत-पाक शांति दावे पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि ट्रम्प बार-बार दावा कर रहे हैं कि उन्होंने भारत-पाक के बीच शांति कराई, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि दुनिया उनके आगे झुक जाए।
यूक्रेन युद्ध के बाद भारत रूस का सबसे बड़ा तेल खरीदार बन गया था। अमेरिकी आरोपों और टैरिफ दबाव के चलते भारत ने अब दोबारा सऊदी, UAE और अमेरिका जैसे भरोसेमंद सप्लायर्स से तेल खरीदना शुरू कर दिया है। अमेरिका ने भारत पर कुल 50% टैरिफ लगाया है, जिसमें 25% ‘रेसिप्रोकल’ और 25% रूस से तेल खरीदने के कारण है।
भारत चाहता है कि कुल टैरिफ को घटाकर 15% किया जाए और रूस से तेल पर लगाई गई अतिरिक्त पेनाल्टी पूरी तरह खत्म हो। दोनों देशों के बीच ट्रेड डील पर बातचीत जारी है, जिससे नए साल में कोई ठोस फैसला निकलने की उम्मीद है।
