Jajangir-Champa: अजीब बहाने कर सरपंच-सचिव और शिक्षक नदारद, कोटवार के भरोसे क्वारंटाइन सेंटर

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 जाजंगीर-चांपा। अन्य प्रदेशों से वापस आने वाले मजदूरों (Jajangir-Champa) को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाए रखने के लिए 14 दिनों के लिए क्वारंटीन सेंटर में रखा जा रहा है। ताकि कोई भी मजदूर कोरोना वायरस से संक्रमित ना हो। क्वारंटीन सेंटर में उन्हें किसी तरह कि परेशानी ना हो।

इसके लिए उनका नियमित स्वास्थ्य परीक्षण व सुरक्षा के लिए शासकीय कर्मचारियों कि ड्यूटी भी लगाई गई  है। लेकिन मजदूरों के सुरक्षा में लगाए गए कर्मचारी ही मौके से नदारद हो तो क्या कहें। अर्थात जिनके हाथ में जिम्मेदारी दी गई है वहीं इनका निर्वहन नहीं कर रहें हैं।

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दरअसल पुरा मामला जनपद पंचायत बम्हनीडीह अंर्तगत ग्राम पंचायत करनौद का हैं। जहां शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कुल को क्वारंटाइन सेंटर बनाया गया है। जहां बकायदा शासकीय कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। लेकिन सभी क्वारंटाइन सेंटर से नदारद नजर आए।

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क्वारंटाइन सेंटर की जिम्मेदारी सचिव और शिक्षक को मिली है। मगर  सचिव अपने घरेलू कार्य में मस्त है, तो शिक्षक साहब के भी अजीब बहाने हैं।

वहीं क्वारंटाइन सेंटर को कोटवार के भरोसे छोड़कर पंचायत सचिव लकेश्वर चन्द्रा, शिक्षक पैकरा, सरपंच रोकम यादव सहित सभी कर्मचारी बिना सूचना के ही नदारद है।

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सचिव से बात करने पर गैर जिम्मेदाराना बयान सामने आया है। उन्होंने बताया कि घर का पंप बिगड़ गया है। उसे बनावा रहा हूं।

इसलिए आज नहीं आया हूं। एकतरफ जहां जिले में कोरोना ने दस्तक दे दिया है। सचिव साहब को शासकीय कार्य को छोड़कर केवल घर कि कार्यो कि चिंता हैं।

शिक्षक पैकरा अपनी गलती छुपाने के लिए सचिव को इसकी जानकारी देने कि बात कहीं। लेकिन साहब को शायद पता नहीं था कि उनके साथ ही सचिव भी आज नदारद हैं।

वहीं क्वारंटाइन सेंटर में रहने वाले मजदूरों ने बताया कि कल शाम से हीं बिजली बंद हैं जिससे गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं,वहीं कल शाम से ही पानी कि किल्लत है,उन्हें पीने के लिये एक बुंद पानी भी आज दोपहर तक नहीं मिला।

उनके द्वारा इस संबंध में सरपंच-सचिव को बोला गया लेकिन सरपंच-सचिव अपने जेब भरने में ही व्यस्त हैं उन्हें इन मजदूरों कि परवाह नहीं है, वहीं मीडिया के पहल के बाद इन लोगों को पानी नसीब हो पाया

शौचालय नहीं रहे उपयोग लायक,सैनेडाईजर -साबून के दर्शन दुर्लभ,वहीं एक मजदूर ने बताया कि यहां शौचालय कि नियमित सफाई नहीं हो रहीं हैं।

जिससे अब यह उपयोग करने लायक नहीं है, साफ-सफाई में बिल्कुल ध्यान नहीं दिया जा रहा है,एक तरफ प्रधानमंत्री बार-बार साबून से हाथ घोने, सैनेडाईजर का उपयोग करने का सलाह दे रहें हैं जबकि यहां साबून के दर्शन दुर्लभ हो गये हैं।