भारतीय सेना शिव के आदर्शों से प्रेरित, मानवीय सेवा और निर्णायक कार्रवाई दोनों में सक्षम: राजनाथ सिंह

दिल्ली। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय सेना भगवान शिव के आदर्शों से प्रेरणा लेती है। उन्होंने बताया कि जैसे भगवान शिव सृजन और संहार दोनों के प्रतीक हैं, वैसे ही भारतीय सशस्त्र बल भी मानवीय सहायता और कठोर सैन्य कार्रवाई—दोनों भूमिकाएं निभाने में सक्षम हैं।

वे ईशा फाउंडेशन के महाशिवरात्रि कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मंच पर उनके साथ आध्यात्मिक गुरु सदगुरू जग्गी वासुदेव भी मौजूद रहे। रक्षामंत्री ने कहा कि भारतीय सेनाएं संकट के समय शिव की करुणा और सेवा भाव को अपनाकर लोगों की मदद करती हैं।

वहीं आवश्यकता पड़ने पर रुद्र रूप धारण कर ऑपरेशन सिंदूर जैसे तेज और निर्णायक अभियानों को अंजाम देती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा केवल हथियारों या तकनीक से नहीं, बल्कि मजबूत राष्ट्रीय सोच और आत्मविश्वास से भी आती है।

उन्होंने भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि चंद्रयान और आदित्य-एल1 जैसे अंतरिक्ष मिशन केवल तकनीकी सफलता नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन वैज्ञानिक परंपरा का आधुनिक रूप हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में विज्ञान और आध्यात्म हमेशा साथ-साथ चले हैं।

कार्यक्रम में रक्षा मंत्री और सद्गुरु ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लोगों को ‘भव्य भारत भूषण’ सम्मान से नवाजा। इनमें सैन्य अधिकारी, वैज्ञानिक, कलाकार और खिलाड़ी शामिल थे।

रक्षामंत्री ने अपने संबोधन में काशी और तमिल संस्कृति के ऐतिहासिक संबंधों का भी उल्लेख किया और कहा कि भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने तमिलनाडु की सांस्कृतिक विरासत की सराहना करते हुए कहा कि यहां आना उनके लिए आध्यात्मिक अनुभव जैसा है।

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