दिल्ली। केंद्र सरकार की सहकारी सेवा ‘भारत टैक्सी’ जनवरी 2026 से दिल्ली और गुजरात में शुरू हो सकती है, जबकि छह महीने बाद मुंबई और पुणे में सेवा उपलब्ध होगी। करीब डेढ़ महीने पहले दिल्ली और गुजरात के राजकोट में पायलट प्रोजेक्ट का ट्रायल सफल रहा।
पीक ऑवर में भारत टैक्सी अपनी निजी प्रतिद्वंद्वियों ओला और उबर की तुलना में 25 से 30% तक सस्ती पड़ रही है। भास्कर की जांच में दिल्ली में गोविंदपुरी मेट्रो से नई दिल्ली स्टेशन तक भारत टैक्सी का किराया 280 रुपये, जबकि ओला 320 और उबर 340 रुपये था। INS से दिल्ली एयरपोर्ट तक भारत टैक्सी 411 रुपये में उपलब्ध, जबकि ओला और उबर क्रमशः 522 और 491 रुपये ले रहे थे। नॉर्मल ऑवर में अंतर घटकर 5-20 रुपये रह जाता है।
भारत टैक्सी एप से बुक होती है और इसे भारतीय सहकारिता कंपनी, सहकारी टैक्सी कॉपरेटिव लिमिटेड, संचालित करेगी। इसके चेयरमैन जयंत मेहता हैं। दिल्ली में अब तक 2.75 लाख ग्राहक और 1.50 लाख ड्राइवर जुड़ चुके हैं, जिनमें 1.10 लाख ड्राइवर ऑनबोर्ड हैं।
सहकारी टैक्सी के दो बड़े फायदे हैं: कमीशन नहीं—ड्राइवर अपनी पूरी कमाई रखते हैं, और मालिकाना हक—हर ड्राइवर को कंपनी में शेयर मिलेगा। हालांकि, पूरे देश में लाखों ड्राइवर जोड़ना और स्थानीय नियमों के पालन की चुनौती बनी हुई है। फंडिंग की कमी भी चिंता का विषय है।
सहकारी टैक्सी एप दिल्ली पुलिस की ऑनलाइन सेवा से जुड़ा है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता मिलती है। कमीशन कम होने से ड्राइवरों की कमाई बढ़ती है, जबकि ओला-उबर में ड्राइवर 20-30% कमीशन के अधीन रहते हैं।
भारत टैक्सी का उद्देश्य ड्राइवरों को प्राइवेट एप के मकड़जाल से निकालना और एल्गोरिदम की गुलामी से मुक्ति दिलाना है। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर किशन पाटनी का कहना है कि यह मॉडल प्लेटफॉर्म इकोनॉमी में सहकारिता को बढ़ावा देगा और सरकार को जिम्मेदार बनाएगा।
