MP में 2.7°C तक लुढ़का पारा, घने कोहरे से 12 से ज्यादा ट्रेनें लेट; उत्तराखंड के 3 धामों में तापमान -21°C

दिल्ली। पहाड़ों पर लगातार हो रही बर्फबारी का असर अब मैदानी राज्यों में साफ नजर आने लगा है। उत्तर से पश्चिम और मध्य भारत तक कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।

मध्य प्रदेश में इस सीजन की सबसे सर्द रात दर्ज की गई, जहां शहडोल जिले के कल्याणपुर में न्यूनतम तापमान 2.7 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया।

सीहोर, छिंदवाड़ा और मुरैना जैसे जिलों में पौधों पर ओस की बूंदें जम गईं, जिससे खेतों में पाले जैसी स्थिति बन गई है। सुबह के वक्त प्रदेश के आधे हिस्से में घना कोहरा छा रहा है। कोहरे का सबसे ज्यादा असर रेल यातायात पर पड़ा है। दिल्ली से मध्य प्रदेश आने वाली एक दर्जन से ज्यादा ट्रेनें रोजाना 2 से 6 घंटे तक देरी से पहुंच रही हैं।

राजस्थान में भी हालात बेहद खराब हैं। गुरुवार को प्रदेश के 23 जिलों में घने कोहरे की चादर छाई रही, जबकि 25 जिलों में स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया।

जयपुर में बुधवार को विजिबिलिटी शून्य तक पहुंच गई। आगरा और आसपास के इलाकों में भी घने कोहरे के कारण दृश्यता करीब 100 मीटर तक सिमट गई। शेखावाटी से ज्यादा सर्दी जयपुर में महसूस की जा रही है, जिसके चलते जोधपुर में स्कूलों का समय बदलकर सुबह 10 से शाम 4 बजे कर दिया गया है।

उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में ठंड ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। पिथौरागढ़ के आदि कैलाश, रुद्रप्रयाग के केदारनाथ और उत्तरकाशी के यमुनोत्री धाम में तापमान माइनस 21 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। यहां ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी पाला पड़ रहा है और बर्फबारी जारी है।

मौसम विभाग के मुताबिक 9 जनवरी को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बर्फबारी का अलर्ट है, जबकि पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और मध्य प्रदेश में घने कोहरे और शीतलहर की चेतावनी दी गई है। 10 जनवरी को मैदानी राज्यों में हल्की बारिश के आसार हैं, जिससे ठंड और बढ़ने की संभावना है।

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