12 राज्यों में SIR ड्राफ्ट लिस्ट में 13% वोटर घटे: यूपी में सबसे ज्यादा 2.89 करोड़ नाम हटाए गए

दिल्ली। चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश समेत 12 राज्यों में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की ड्राफ्ट लिस्ट जारी की है। यह प्रक्रिया 28 अक्टूबर, 2025 से 2 महीने 11 दिन तक चली।

SIR के दौरान वोटर लिस्ट की समीक्षा की गई, जिससे कुल 50.97 करोड़ मतदाताओं में से 44.38 करोड़ ही ड्राफ्ट लिस्ट में शामिल रहे। करीब 6.59 करोड़ नाम हटाए गए, जो कुल मतदाताओं का 12.93% है। यानी हर 100 वोटर्स में लगभग 13 नाम कटे।

उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 2.89 करोड़ नाम हटाए गए, जो हर 100 में से 19 वोटर्स के बराबर है। इनमें 46.23 लाख मृत पाए गए, 25.47 लाख डुप्लीकेट या फर्जी और 2.17 करोड़ शिफ्ट, लापता या अन्य कारणों से हटाए गए।

मध्य प्रदेश और राजस्थान में हर 13वां नाम हटाया गया, क्रमशः 42.74 लाख और 41.85 लाख वोटर्स ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर हुए। पश्चिम बंगाल में 58.20 लाख, गुजरात में 73.73 लाख और तमिलनाडु में 97 लाख नाम कटे।

छत्तीसगढ़ में 2.12 करोड़ वोटरों में से 27.34 लाख (12.9%) नाम हटाए गए, केरल में 24.08 लाख (8.66%), गोवा में 1.01 लाख (8.52%) और पुडुचेरी में 1.03 लाख (10.09%) नाम ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर हुए। लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार में असर कम रहा।

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि यह ड्राफ्ट लिस्ट फाइनल नहीं है। जिनका नाम कटा है, वे फॉर्म 6 या 7 भरकर दावा-आपत्ति कर सकते हैं। नए वोटर और पहली बार 18 वर्ष पूर्ण करने वाले युवा भी फॉर्म 6 भरकर नाम जुड़वा सकते हैं। इसके अलावा फॉर्म 6A, 7 और 8 के माध्यम से नाम जोड़ने, हटाने या सुधार करने की सुविधा है।

ड्राफ्ट लिस्ट की जांच के बाद, सभी दावे-आपत्तियों का निरीक्षण कर अंतिम वोटर लिस्ट तैयार की जाएगी। SIR के तहत मृत, डुप्लीकेट और शिफ्ट हुए वोटरों को हटाया गया है ताकि चुनावी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सटीक बने।

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