नितिन खोब्रागढे@राजनांदगांव। अक्सर स्कूल में शिक्षक की कमी और पढ़ाई न होने की शिकायत को लेकर मामले सामने आते हैं लेकिन इस बार मामला कुछ दूसरा है। शिक्षक का तबादला हुआ तो बच्चे इतने उदास है कि स्कूल जाना ही छोड़ दिया इतना ही नहीं खाना पीना भी त्याग दिया है। ऐसे ही मामले से हम आपको रूबरू कराना चाहते हैं।
दरअसल शहर से लगभग 10 किलोमीटर दूर जोरातराई में मिडिल स्कूल में पढ़ने वाले एक शिक्षक का तबादला दूसरे जगह कर दिया। जिसके बाद वहां के बच्चे इतने निराश है कि कई दिनों से स्कूल भी नहीं जा रहे हैं। और तो और बच्चों ने खाना पीना भी बंद कर दियाहै। इधर बच्चों के खाने-पीने बंद करने से पालक बेहद परेशान है। पालकों ने बच्चों से उदासी का कारण पूछा तो सभी ने अपने माता-पिता को एक स्वर में जवाब दिया कि हमारे स्कूल के शिक्षक का तबादला दूसरी जगह कर दिया है इसके कारण पढ़ाई में मन नहीं लग रहा है। बस फिर क्या था बच्चों के साथ उनके माता-पिता आज शिक्षक को फिर से स्कूल में वापस लाने की मांग को लेकर कोरिनभाठा के विकासखंड शिक्षा कार्यालय पहुंचे और जोर-जोर से नारे लगाने लगे। अचानक नारेबाजी की आवाज सुनकर अंदर काम कर रहे हैं सभी लोग बाहर आ गए और उन्होंने बच्चों से पढ़ाई छोड़कर यहां आने का कारण पूछा। खंड शिक्षा कार्यालय मे पदस्थ कर्मचारियों और बच्चों के परिजनों के बीच काफी देर तक तू तू मैं मैं हुई। आखिरकार बी आर सी ठाकुर साहब वहां पहुंचे और बच्चों और उनके परिजनों को समझाया। बीआरसी ठाकुर ने मामले की जानकारी उच्च अफसर को देने की बात कही और सहायक शिक्षक पवन देशलहरे को फिर से जोरातराई स्कूल में लाने की बात कही। तब कहीं जाकर बच्चों के चेहरे पर मुस्कान आई।