उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा बोले- आईईडी की विरह वेदना से बाहर आएगा बस्तर; जगदलपुर में 2,953 दिव्यांग चिन्हांकित
रायपुर। नक्सल हिंसा के दौर में IED विस्फोटों की चपेट में आकर हाथ-पैर गंवाने वाले बस्तर के लोगों को अब राहत मिलेगी। राज्य सरकार की ओर से 5 से 7 अक्टूबर तक जगदलपुर और 15 से 17 अक्टूबर तक दंतेवाड़ा में नि:शुल्क दिव्यांग सेवा शिविर लगाए जाएंगे। इनमें IED विस्फोट से दिव्यांग हुए लोगों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। जरूरत के अनुसार जयपुर फुट, कृत्रिम हाथ, कैलिपर्स समेत अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर अब IED विस्फोटों की विरह वेदना से बाहर निकलने को तैयार है। वर्षों तक सड़क, नदी-तालाबों के किनारे और स्कूलों के आसपास लगाए गए IED की चपेट में सुरक्षाबलों के साथ आम नागरिक और पशु भी आए। कई लोगों ने अपने हाथ-पैर गंवाए और आज भी दिव्यांगता के साथ जीवन जी रहे हैं। सरकार ऐसे लोगों की मुश्किलें कम करने का प्रयास कर रही है।
जगदलपुर में आयोजित शिविर में बस्तर, कांकेर, नारायणपुर और कोंडागांव के हितग्राही शामिल होंगे। इन चार जिलों में कुल 2,953 दिव्यांगजन चिन्हांकित किए गए हैं। इनमें बस्तर के 1,570, कोंडागांव के 1,080, कांकेर के 236 और नारायणपुर के 67 हितग्राही हैं।
दंतेवाड़ा के शिविर में दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर के लोगों को लाभ मिलेगा। भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति, जयपुर के तकनीकी सहयोग से विशेषज्ञ हितग्राहियों का परीक्षण और नाप लेकर जरूरत के मुताबिक कृत्रिम अंग तैयार करेंगे। पुराने या क्षतिग्रस्त कृत्रिम अंगों की मरम्मत की सुविधा भी रहेगी।
इसके अलावा श्रवण यंत्र, व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, स्मार्ट छड़ी, वॉकिंग स्टिक, वैशाखी और अन्य सहायक उपकरण भी बांटे जाएंगे। हितग्राही कलेक्टर, एसपी, जनपद पंचायत या ग्राम पंचायत के माध्यम से पंजीयन करा सकते हैं। पूर्व पंजीयन नहीं होने पर भी जरूरतमंद सीधे शिविर पहुंच सकेंगे। हितग्राहियों के भोजन और ठहरने की व्यवस्था भी की जाएगी।
