किन्नर के लिए पति ने पत्नी को छोड़ा, पीड़िता इंसाफ मांगने पहुंची महिला आयोग

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की महा जन-सुनवाई में एक ऐसा मामला सामने आया जिसने सबको हैरान कर दिया। मुंगेली जिले की एक महिला ने अपने पति पर एक किन्नर के प्रेम में पड़कर उसे छोड़ने का गंभीर आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि पति के इस संबंध की वजह से उसका घर बर्बाद हो गया है और उसे अब सिर्फ न्याय चाहिए।

सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि आरोपी पति ने मामले को रफा-दफा करने के लिए पत्नी को 5 लाख रुपए का ऑफर दिया था। पति यह रकम तीन किस्तों में देकर अलग होना चाहता था। लेकिन पत्नी ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया। महिला ने कहा कि उसके पति के पास 10 एकड़ जमीन है और वह हर महीने 50-60 हजार रुपए कमाता है। पीड़िता ने आयोग के सामने दो टूक कहा, “मुझे पैसे नहीं, न्याय चाहिए। पति की इस हरकत ने मेरा जीवन तोड़ दिया है।”

महिला आयोग ने SP को दिए निर्देश

मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने मुंगेली एसपी को निर्देश दिए हैं कि अगली सुनवाई में पति और संबंधित किन्नर, दोनों को अनिवार्य रूप से पेश किया जाए। आयोग का मानना है कि दोनों के आमने-सामने आने पर ही सच्चाई स्पष्ट होगी।

महा जन-सुनवाई में 148 मामलों का निपटारा

रायपुर संभाग के पांच जिलों के लिए आयोजित इस महा जन-सुनवाई में कुल 292 मामले रखे गए थे, जिनमें से 148 का तत्काल निपटारा किया गया।

एक महिला ने पति के दूसरी महिला के साथ अवैध संबंध और मारपीट की शिकायत की। आयोग ने सबूत के तौर पर व्हाट्सएप चैट देखने के बाद आरोपी पति (जो शिक्षा विभाग में है) के निलंबन की अनुशंसा जिला शिक्षा अधिकारी से करने का फैसला लिया। इस सुनवाई में रायपुर, बलौदाबाजार, गरियाबंद, धमतरी और महासमुंद जिलों के प्रकरणों पर पुलिस और विधिक अधिकारियों की मौजूदगी में कार्रवाई की गई।

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