रायपुर। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर प्रदेश में सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने थर्ड जेंडर समुदाय के मतदाताओं की परेशानियों को लेकर चुनाव आयोग से व्यावहारिक समाधान की मांग की है, जबकि भाजपा ने भरोसा दिलाया है कि सभी पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़े जाएंगे।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि SIR प्रक्रिया में मतदाता से स्वयं या माता-पिता से जुड़ी जानकारी और दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। थर्ड जेंडर समुदाय के कई लोगों के पास ये दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में वे SIR फॉर्म नहीं भर पा रहे हैं और नाम कटने के डर से मानसिक तनाव में हैं। उन्होंने याद दिलाया कि 2014 में न्यायालय ने थर्ड जेंडर को अलग पहचान दी थी। इससे पहले कई लोगों के नाम पुरुष के रूप में दर्ज थे। अब थर्ड जेंडर के रूप में नाम दर्ज कराने में दस्तावेजों की शर्त सबसे बड़ी बाधा बन गई है। कई मामलों में माता-पिता पहले ही उन्हें त्याग चुके हैं, इसलिए उनसे जुड़ी जानकारी उपलब्ध नहीं है।
कांग्रेस ने यह भी कहा कि समस्या केवल थर्ड जेंडर तक सीमित नहीं है। 2003 से पहले माता-पिता का निधन हो चुके परिवार, 2011 के नक्सली दौर में बस्तर से पलायन कर दूसरे राज्यों में गए लोग, अनाथालय में पले-बढ़े और गोद लिए गए वयस्क, असहाय व्यक्ति और रोजी-रोटी के कारण बार-बार शहर बदलने वाले परिवार भी दस्तावेजों की कमी से जूझ रहे हैं। पार्टी ने सभी मामलों में राहत देने की मांग की है।
वहीं भाजपा प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि थर्ड जेंडर सहित सभी पात्र मतदाताओं का नाम जोड़ा जाएगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी का नाम भी जुड़ेगा। हर व्यक्ति को फॉर्म भरना होगा और यदि किसी का नाम छूटता है तो दावा-आपत्ति की प्रक्रिया मौजूद है।
इधर चुनाव आयोग ने SIR की समय-सीमा 7 दिन बढ़ा दी है। अब घर-घर सत्यापन 18 दिसंबर तक होगा। मतदाता सूची का ड्राफ्ट 23 दिसंबर को प्रकाशित होगा, जबकि दावा-आपत्ति 23 दिसंबर से 22 जनवरी 2026 तक और सुनवाई- सत्यापन 14 फरवरी 2026 तक चलेगा।
