रायपुर। रायपुर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शनिवार को रायपुर पहुंच गए हैं। एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल सहित भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत किया। अमित शाह का यह दो महीने के भीतर दूसरा छत्तीसगढ़ दौरा है। वे 7 फरवरी से 3 दिवसीय प्रवास पर राज्य में रहेंगे।
तय कार्यक्रम के अनुसार, अमित शाह शुक्रवार रात रायपुर के मेफेयर होटल में एक अहम हाईलेवल मीटिंग लेंगे। इस बैठक में केंद्र और राज्य की सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे की तय डेडलाइन 31 मार्च 2026 है, जिसमें अब करीब 52 दिन ही शेष हैं। ऐसे में यह बैठक रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
नक्सलवाद को लेकर केंद्र सरकार की नीति अब निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है। डेडलाइन का ऐलान स्वयं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने किया था। इसके बाद से छत्तीसगढ़ समेत नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षाबलों द्वारा लगातार सघन अभियान चलाए जा रहे हैं। बस्तर अंचल में माओवादी नेटवर्क को कमजोर करने के लिए फोर्स की तैनाती और ऑपरेशनों में तेजी लाई गई है।
सूत्रों के अनुसार, रायपुर में होने वाली बैठक में नक्सल प्रभावित जिलों की वर्तमान स्थिति, हालिया ऑपरेशनों की समीक्षा और आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा होगी। माना जा रहा है कि बैठक के बाद बस्तर और अन्य संवेदनशील इलाकों में ऑपरेशन और तेज किए जा सकते हैं।
अपने दौरे के दौरान अमित शाह बस्तर में आयोजित पंडुम महोत्सव के समापन कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। इससे पहले वे 28 से 30 नवंबर 2025 के बीच नवा रायपुर स्थित आईआईएम परिसर में आयोजित 60वें डीजीपी-आईजीपी सम्मेलन में भी पहुंचे थे।
कुल मिलाकर अमित शाह का यह दौरा केवल औपचारिक समीक्षा नहीं, बल्कि नक्सलवाद के खिलाफ तय समयसीमा से पहले अंतिम रणनीतिक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, जिसका असर आने वाले दिनों में जमीनी हालात पर स्पष्ट रूप से नजर आ सकता है।
