दिल्ली। देश में मार्च की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने तेजी पकड़ ली है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, पंजाब और उत्तराखंड सहित कई राज्यों में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में गर्मी का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। महाराष्ट्र के अकोला जिले में शनिवार को देश का सबसे अधिक तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा अमरावती और वर्धा में भी तेज गर्मी का असर बना हुआ है।
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने विदर्भ क्षेत्र और हिमाचल प्रदेश के कुछ जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा, मंडी, कुल्लू और सोलन जिलों में भी गर्म हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। वहीं राजधानी दिल्ली में मार्च के पहले सप्ताह में ही गर्मी ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। यहां शनिवार को अधिकतम तापमान 35.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो करीब 50 वर्षों में मार्च के शुरुआती दिनों का सबसे ज्यादा तापमान माना जा रहा है।
मौसम विभाग के मुताबिक राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों से आने वाली गर्म हवाओं के कारण मैदानी राज्यों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। हवा की दिशा उत्तर-पूर्व से बदलकर पश्चिम और उत्तर-पश्चिम हो गई है, जबकि वातावरण में नमी की कमी भी तापमान बढ़ने का एक बड़ा कारण है।
हालांकि आने वाले दिनों में मौसम में कुछ बदलाव देखने को मिल सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण 8 से 12 मार्च के बीच जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है। कश्मीर घाटी के कुपवाड़ा, बांदीपोरा, गांदरबल और अनंतनाग क्षेत्रों में भी हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है।
इसके अलावा पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, केरल और आंध्र प्रदेश में भी अगले दो दिनों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल मैदानी राज्यों में गर्मी का असर बना रहेगा और तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है।
