रायपुर। दूरस्थ और घने वनांचल वाले आदिवासी इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ी पहल की है।
प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) के तहत बुधवार को नवा रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, मंत्रिमंडल के सदस्य, जनप्रतिनिधि और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इन मोबाइल मेडिकल यूनिटों के जरिए प्रदेश के 18 जिलों के 2100 से अधिक गांवों और बसाहटों तक नियमित स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएंगी।
इससे दो लाख से अधिक विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) की आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। दुर्गम इलाकों में रहने वाले लोगों को अब इलाज के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी, बल्कि डॉक्टर और जांच सुविधाएं उनके गांव तक पहुंचेंगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह योजना पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा की मजबूत नींव रखेगी।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में लगभग 2.30 लाख विशेष पिछड़ी जनजाति के लोग 18 जिलों की 2100 बसाहटों में रहते हैं, जिनके लिए ये मोबाइल मेडिकल यूनिट किसी वरदान से कम नहीं हैं।
प्रत्येक यूनिट में डॉक्टर, नर्स, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट और स्थानीय वालंटियर तैनात रहेंगे। यहां 25 प्रकार की जांच सुविधाएं और 106 तरह की दवाइयां निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। ये यूनिटें उन सुदूर इलाकों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाएंगी, जहां अब तक सुविधाएं सीमित थीं।
स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने बताया कि पीएम जनमन योजना का उद्देश्य बुनियादी सुविधाओं को सीधे बसाहटों तक पहुंचाना है।
आपात स्थिति में मरीजों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने की सुविधा भी इन यूनिटों के माध्यम से मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से टीबी, मलेरिया, एनीमिया और कुपोषण जैसी बीमारियों की समय पर पहचान और रोकथाम में बड़ी मदद मिलेगी।
