बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक हैरान करने वाला साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जहां एक बैंककर्मी ने स्कॉटलैंड की महिला बनकर अपने ही परिचित वकील से करीब 3 करोड़ रुपए ठग लिए। आरोपी ने कैंसर अस्पताल और लॉ कॉलेज खोलने के नाम पर 500 करोड़ रुपए निवेश का झांसा देकर यह रकम ऐंठी।
मामला चकरभाठा थाना क्षेत्र का है। पीड़ित वकील अरुण मिश्रा को जनवरी-फरवरी 2024 में एक विदेशी नंबर से व्हाट्सएप मैसेज मिला। मैसेज भेजने वाले ने खुद को ग्रेट ब्रिटेन का “डॉ. लोव्हीत” बताया और बाद में उसे “ग्रेस डेविड” नाम की कथित स्कॉटलैंड निवासी महिला से जोड़ दिया। महिला ने भारत में बड़े प्रोजेक्ट्स में निवेश की बात कहकर वकील को पार्टनर बनने का ऑफर दिया।
आरोपी ने 103 करोड़ रुपए का डिमांड ड्राफ्ट भेजने का दावा किया और उसे क्लियर कराने के नाम पर अलग-अलग शुल्क मांगने शुरू कर दिए। होटल खर्च, प्रोसेसिंग फीस, टैक्स, एंबेसी, आरबीआई और कस्टम क्लियरेंस के नाम पर लगातार रकम ली जाती रही। झांसे में आकर पीड़ित ने 31 जुलाई 2024 तक अलग-अलग खातों में कुल 3 करोड़ 13 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए।
जब लंबे समय तक डिमांड ड्राफ्ट क्लियर नहीं हुआ तो पीड़ित को शक हुआ। जांच करने पर ठगी का खुलासा हुआ और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। जांच के दौरान सामने आया कि इस पूरे फ्रॉड के पीछे पीड़ित का परिचित ही है।
पुलिस ने आरोपी नवीन जून (34), निवासी सोनीपत हरियाणा, को गिरफ्तार कर लिया है, जो बिलासपुर में रहकर HDFC बैंक से जुड़ा था। उसके कब्जे से थार और वेन्यू कार, मोबाइल, लैपटॉप और टैबलेट जब्त किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने फर्जी ईमेल आईडी बनाकर खुद को बैंक और एंबेसी अधिकारी बताकर पीड़ित को गुमराह किया। मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।
