PM गरीब कल्याण अन्न योजना में फोर्टिफाइड चावल कुछ समय के लिए बंद, शेल्फ-लाइफ की चिंता बनी वजह

दिल्ली। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत वितरित किए जा रहे फोर्टिफाइड चावल की सप्लाई को कुछ समय के लिए रोकने का फैसला किया है।

सरकार ने यह कदम फोर्टिफाइड चावल की शेल्फ-लाइफ और गुणवत्ता को लेकर सामने आई चिंताओं के बाद उठाया है। फिलहाल इसकी विस्तृत समीक्षा की जा रही है, ताकि वितरण प्रणाली में किसी भी तरह की खामी को दूर किया जा सके।

फोर्टिफाइड चावल में आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन बी-12 जैसे जरूरी पोषक तत्व मिलाए जाते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य कुपोषण और एनीमिया जैसी स्वास्थ्य समस्याओं को कम करना था, खासकर गरीब, ग्रामीण और कमजोर वर्गों में।

लेकिन हालिया रिपोर्ट्स में सामने आया है कि लंबे समय तक भंडारण के दौरान इन पोषक तत्वों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। स्टोरेज के दौरान चावल का स्वाद, रंग और पोषण मूल्य बदलने की आशंका भी जताई गई है।

सरकार के अधिकारियों के मुताबिक, गोदामों में लंबे समय तक रखे गए फोर्टिफाइड चावल में मिलाए गए माइक्रोन्यूट्रिएंट्स धीरे-धीरे कमजोर पड़ सकते हैं। इससे योजना का मूल उद्देश्य प्रभावित हो सकता है।

इसी कारण सप्लाई पर अस्थायी रोक लगाकर पूरे सिस्टम की समीक्षा की जा रही है, ताकि आगे किसी तरह की गुणवत्ता से जुड़ी समस्या न आए।

गौरतलब है कि फोर्टिफाइड चावल कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 2019 में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की गई थी। शुरुआत में इसे चुनिंदा जिलों में लागू किया गया। मार्च 2022 तक इसे आईसीडीएस और पीएम पोषण योजनाओं के तहत शामिल किया गया।

इसके बाद मार्च 2023 तक सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत अधिक कुपोषण वाले 291 जिलों तक इसका विस्तार हुआ। मार्च 2024 तक इसे पूरे देश में लागू कर दिया गया था।

सरकार का कहना है कि समीक्षा के बाद आवश्यक सुधारों के साथ फोर्टिफाइड चावल का वितरण फिर से शुरू किया जाएगा, ताकि पोषण सुरक्षा के लक्ष्य को प्रभावी ढंग से हासिल किया जा सके।

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