दिल्ली। कतर की जेल में पिछले दो वर्षों से कैद पूर्व नौसेना अधिकारी और कमांडर रहे पूर्णेंदु तिवारी (65) की रिहाई को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। उनकी बहन डॉ. मीतू भार्गव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भावुक अपील करते हुए भाई को सुरक्षित भारत वापस लाने की गुहार लगाई है। इसके साथ ही उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है।
ग्वालियर निवासी पूर्णेंदु तिवारी उन आठ पूर्व नौसेना अधिकारियों में शामिल थे, जिन्हें अगस्त 2022 में कतर में एक निजी कंपनी में काम करने के दौरान जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। बाद में दिसंबर 2023 में कतर के अमीर की ओर से सभी आठ अधिकारियों को माफी दी गई थी। इस माफी के बाद फरवरी 2024 में सात अधिकारी भारत लौट आए थे, लेकिन पूर्णेंदु तिवारी को अब भी दोहा की जेल में रखा गया है।
परिजनों के अनुसार, तिवारी को कथित तौर पर उनके नियोक्ता ‘दहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजीज’ से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं के मामले में यात्रा प्रतिबंध के कारण रिहा नहीं किया गया। इसी वजह से वे माफी मिलने के बावजूद कतर छोड़ नहीं पाए। इस स्थिति ने परिवार की चिंता और बढ़ा दी है।
डॉ. मीतू भार्गव ने बताया कि उनके भाई की उम्र अधिक है और जेल में लंबे समय से रहने के कारण उनकी सेहत पर भी बुरा असर पड़ रहा है। परिवार को आशंका है कि अगर जल्द रिहाई नहीं हुई, तो उनकी स्वास्थ्य स्थिति और बिगड़ सकती है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने पहले भी कूटनीतिक स्तर पर प्रयास किए हैं, लेकिन अब फिर से सक्रिय हस्तक्षेप की जरूरत है।
यह मामला एक बार फिर भारत-कतर के कूटनीतिक संबंधों और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चर्चा में आ गया है। परिजन उम्मीद लगाए बैठे हैं कि प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री के हस्तक्षेप से जल्द कोई सकारात्मक समाधान निकलेगा और पूर्णेंदु तिवारी सुरक्षित अपने देश लौट सकेंगे।
