बिलासपुर में पहली बार सीएम साय ने फहराया तिरंगा: कहा– रायपुर IT-AI, फार्मा और मेडिकल हब बनेगा, मार्च 2026 तक नक्सलमुक्त होगा छत्तीसगढ़

रायपुर। देश के साथ-साथ छत्तीसगढ़ ने भी 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह और गरिमा के साथ मनाया। राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में राज्यपाल रमेन डेका ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली।

वहीं, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पहली बार बिलासपुर जिला मुख्यालय के पुलिस मैदान में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड का निरीक्षण किया।

वे छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद दूसरे मुख्यमंत्री बने, जिन्होंने बिलासपुर में गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण किया। इससे पहले वर्ष 2001 से 2003 तक तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने यहां तिरंगा फहराया था।

मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ तेज़ी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। रायपुर को IT-AI, फार्मा और मेडिकल हब के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में नक्सलवाद अंतिम चरण में है और मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को पूरी तरह नक्सलमुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया गया है।

सीएम ने बताया कि सरेंडर करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बस्तर कैफे, नियद नेल्ला नार योजना सहित अन्य योजनाओं के माध्यम से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को तेज़ी से आगे बढ़ाया जाएगा।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर छत्तीसगढ़ पुलिस बल को विशेष पदक प्रदान किया जाएगा।

गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रदेश के अन्य जिलों में भी उत्साहपूर्ण आयोजन हुए। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बस्तर में, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सरगुजा में, वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने जांजगीर-चांपा में ध्वजारोहण किया। दुर्ग में प्रभात रैली निकाली गई, जिसमें एनसीसी कैडेट्स और छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। पूरे प्रदेश में देशभक्ति, अनुशासन और एकता का संदेश गूंजता रहा।

Exit mobile version