बालोद। छत्तीसगढ़ के वन विभाग में लापरवाही और कथित मिलीभगत के एक मामले में सख्त कार्रवाई की गई है। दल्लीराजहरा वन परिक्षेत्र में अवैध लकड़ी परिवहन के मामले में कार्रवाई नहीं करने पर वन रक्षक हिमांशु यादव को निलंबित कर दिया गया है। इस संबंध में डीएफओ अभिषेक अग्रवाल ने आदेश जारी किया है।
जानकारी के मुताबिक मामला दल्लीराजहरा वन परिक्षेत्र के धोबनी गांव का है। यहां अवैध रूप से लकड़ी परिवहन की सूचना मिलने पर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने खुद एक मेटाडोर वाहन को पकड़ा था, जिसमें बड़ी मात्रा में लकड़ियां भरी हुई थीं। इस घटना के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे थे।
बताया जा रहा है कि सूचना मिलने पर वन रक्षक हिमांशु यादव मौके पर पहुंचे थे, लेकिन आरोप है कि उन्होंने वाहन के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की और उसे छोड़ दिया। इस रवैये से नाराज ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने विरोध जताते हुए विभाग के उच्च अधिकारियों से शिकायत की थी।
शिकायत मिलने के बाद विभाग ने प्रारंभिक जांच शुरू की। जांच में वन रक्षक की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर डीएफओ ने तत्काल प्रभाव से उन्हें निलंबित करने का निर्णय लिया।
जारी आदेश के अनुसार निलंबन अवधि के दौरान हिमांशु यादव का मुख्यालय वन परिक्षेत्र लोहारा निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
वन विभाग की इस कार्रवाई को अनुशासन और पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध गतिविधियों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या संलिप्तता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
