दिल्ली। गुजरात के राजकोट में नगर निगम (RMC) ने शहर के जंगलेश्वर इलाके में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की है। इस कार्रवाई के तहत प्रशासन ने कुल 1492 मकानों को गिराने का नोटिस जारी किया है।
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि कई मकान मालिकों ने नोटिस मिलने के बाद स्वयं ही अपने घर तोड़ दिए। उन्होंने कहा कि यह कदम अतिक्रमण हटाने और कानूनी नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। जिन मकानों को अभी तक नहीं हटाया गया, उन्हें नगर निगम की टीम बुलडोजर और अन्य उपकरणों की मदद से ध्वस्त कर रही है।
अधिकारियों ने बताया कि इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य जंगलेश्वर इलाके में नगर नियोजन के नियमों का पालन करना और अवैध निर्माणों को हटाना है। नगर निगम का कहना है कि यह पहल शहर की साफ-सफाई और भविष्य में आवासीय और सामुदायिक परियोजनाओं के लिए जगह बनाने के लिए जरूरी है।
स्थानीय निवासी इस कार्रवाई को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोगों ने कहा कि नोटिस मिलने के बाद उन्होंने अपने घर स्वयं तोड़कर प्रशासन का सहयोग किया, जबकि कुछ ने इस कदम को अचानक और कठोर बताया।
नगर निगम ने इस प्रक्रिया में सुरक्षा और नियमों का विशेष ध्यान रखा है। अधिकारी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि किसी को चोट न पहुंचे और ध्वस्त किए जाने वाले मकानों के पास रहने वाले लोगों की मदद की जाए।
राजकोट में यह कार्रवाई नगर निगम के अतिक्रमण हटाने के व्यापक अभियान का हिस्सा है। अधिकारियों का कहना है कि आगे भी अतिक्रमण और अवैध निर्माणों को हटाने के लिए लगातार निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी।
इस प्रकार, जंगलेश्वर इलाके में नगर निगम की कार्रवाई ने साफ संकेत दिया है कि प्रशासन अवैध निर्माणों और अतिक्रमण के खिलाफ सख्ती से कदम उठा रहा है, और नियमों का पालन कराना प्राथमिकता है।
