महतारी वंदन से मिला संबल, सिलाई के हुनर से आत्मनिर्भर बन रहीं सोनू देवी

हर महीने 1 हजार रुपए की सहायता से बढ़ा काम का दायरा, घर से सिलाई कर परिवार की आर्थिक जरूरतों में कर रहीं सहयोग

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। मरवाही विकासखंड के ग्राम पंचायत रटगा की सोनू देवी के पास सिलाई का हुनर पहले से था, लेकिन सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण वह इसे बड़े स्तर पर नहीं ले जा पा रही थीं। घर पर ही सिलाई कर परिवार और आसपास के लोगों के कपड़े तैयार करने वाली सोनू देवी अपनी आमदनी से परिवार की जरूरतों में सहयोग करती थीं। महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता ने उनके इस काम को आगे बढ़ाने में मदद की।

1 हजार रुपए की सहायता बनी सहारा

महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने मिलने वाली 1 हजार रुपए की राशि का उपयोग सोनू देवी अपने सिलाई कार्य को जारी रखने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने में कर रही हैं। अपनी टेलरिंग मशीन के जरिए उन्होंने सिलाई के काम को गति दी। धीरे-धीरे उनके काम का दायरा बढ़ने लगा और घर से संचालित सिलाई का काम आय का बेहतर साधन बनने लगा।

सोनू देवी के मुताबिक नियमित आर्थिक सहायता से उन्हें घरेलू जरूरतों के साथ अपने काम पर ध्यान देने में सहूलियत हुई। इससे अपने हुनर को बेहतर तरीके से इस्तेमाल करने और सिलाई का काम लगातार जारी रखने का संबल मिला।

31वीं किस्त भी खाते में पहुंची

महतारी वंदन योजना के तहत सोनू देवी के बैंक खाते में 31वीं किस्त की राशि भी पहुंच चुकी है। लगातार मिल रही सहायता उनके लिए नियमित आर्थिक संबल बनी हुई है। इससे वह परिवार की जरूरतों में योगदान देने के साथ अपने काम को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही हैं।

आज सोनू देवी के लिए सिलाई सिर्फ घरेलू काम नहीं रह गया है। उनकी मेहनत और हुनर के साथ आर्थिक सहयोग जुड़ने से यह आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ने का माध्यम बन रहा है। वह अपने उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए सिलाई के काम को और आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं।

सीएम साय का जताया आभार

सोनू देवी ने महतारी वंदन योजना के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि नियमित आर्थिक सहायता से उनके सिलाई कार्य को आगे बढ़ाने में सहयोग मिला है। अब वह अपने हुनर के जरिए परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए लगातार मेहनत कर रही हैं।

सोनू देवी की कहानी बताती है कि आर्थिक सहयोग और मेहनत के साथ छोटे स्तर पर शुरू किया गया काम भी आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकता है।

↑
Exit mobile version