बदायूं । उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए एक सिरफिरे ठेकेदार ने हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) के दो वरिष्ठ अधिकारियों की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी।
आरोपी अजय प्रताप सिंह उर्फ रामू ने प्लांट के भीतर घुसकर DGM सुधीर गुप्ता (55) और असिस्टेंट मैनेजर हर्षित मिश्रा (35) पर ऑटोमैटिक गन से ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
ब्लैकलिस्ट होने से नाराज था आरोपी
आरोपी अजय प्रताप सिंह सैंजनी स्थित कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट में पराली की सप्लाई का काम करता था। तीन महीने पहले उसकी फर्म को अनियमितताओं के चलते ब्लैकलिस्ट कर दिया गया था। इसी खुन्नस में वह लगातार अधिकारियों को धमकियां दे रहा था। DGM सुधीर गुप्ता इस कदर डरे हुए थे कि उन्होंने वीआरएस (VRS) ले लिया था और 31 मार्च को उनका आखिरी दिन था।
पुलिस की लापरवाही
मैनेजर हर्षित मिश्रा ने 4 फरवरी को आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी और सुरक्षा मांगी थी, लेकिन पुलिस ने कोई ठोस एक्शन नहीं लिया। लापरवाही के चलते SSP ने थाना प्रभारी और हल्का प्रभारी को सस्पेंड कर दिया है।
सुरक्षा घेरा तोड़कर घुसा हत्यारा
गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे अजय अपनी बोलेरो से प्लांट पहुंचा। ताज्जुब की बात यह है कि एंट्री के समय उसकी गाड़ी की चेकिंग नहीं की गई। वह सीधे मीटिंग रूम में घुसा, गाली-गलौज की और अधिकारियों के विरोध करने पर गोलियां बरसा दीं। आरोपी स्थानीय ग्राम प्रधान का चाचा है और उसका परिवार राजनीतिक रसूख रखता है।
गैंगस्टर के नाम पर दी थी धमकी
जांच में सामने आया है कि आरोपी ने पहले भी अधिकारियों का पीछा किया था और खुद को नोएडा व शाहजहांपुर के गैंगस्टरों से जुड़ा बताया था। उसने अपने शरीर पर चाकुओं के निशान दिखाकर अधिकारियों को ‘सबक सिखाने’ की चेतावनी दी थी।
