दिल्ली। देश में विमान यात्रा के दौरान यात्रियों द्वारा हंगामा करने की घटनाओं को रोकने के लिए डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन ने कड़े नियमों का सुझाव दिया है। DGCA ने कहा है कि जो यात्री विमान में हंगामा, अभद्र व्यवहार या नियमों का उल्लंघन करें, उन पर 30 दिन का फ्लाइंग बैन लगाया जाना चाहिए।
DGCA ने अपने नए ड्राफ्ट नियमों में जीरो टॉलरेंस पॉलिसी अपनाई है। इसका उद्देश्य एयरक्राफ्ट, यात्रियों और प्रॉपर्टी की सुरक्षा सुनिश्चित करना और विमान में अनुशासन बनाए रखना है। नए प्रस्तावित नियमों के अनुसार एयरलाइन को हंगामा करने वाले यात्रियों के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी। इसमें स्मोकिंग करना, डोमेस्टिक फ्लाइट में शराब पीना, इमरजेंसी एग्जिट या लाइफ जैकेट का गलत इस्तेमाल शामिल है।
एयरलाइन को DGCA को रिपोर्ट करने और SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) बनाने के निर्देश दिए गए हैं। SOP के तहत एयरलाइन की इंडिपेंडेंट कमेटी यात्रियों पर बैन लगाने का निर्णय करेगी, जिसमें दूसरी एयरलाइन का प्रतिनिधि भी शामिल होगा। हालांकि, गंभीर मामलों में, एयरलाइन सीधे 30 दिन या उससे अधिक के लिए बैन लगा सकती है, बिना कमेटी के फैसले का इंतजार किए। मौजूदा नियमों के तहत, कमेटी के निर्णय तक ऐसे यात्रियों को 45 दिनों के लिए उड़ान से रोका जा सकता है।
हाल की घटनाओं में दुबई-जयपुर स्पाइसजेट फ्लाइट में पैसेंजर का क्रू से अभद्र व्यवहार, हैदराबाद-लखनऊ इंडिगो फ्लाइट में ट्रे टेबल तोड़ना और दिल्ली-मुंबई स्पाइसजेट फ्लाइट में यात्रियों का कॉकपिट में घुसने का प्रयास शामिल हैं। इन घटनाओं ने विमान सुरक्षा के नियमों को कड़ाई से लागू करने की आवश्यकता को रेखांकित किया।
DGCA ने स्टेकहोल्डर्स से 16 मार्च तक प्रस्तावित बदलावों पर अपनी टिप्पणियां मांगी हैं। नियमों के लागू होने से एयरलाइन में अनुशासन बढ़ेगा और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
