नक्सलमुक्त आबूझमाड़ में विकास ने पकड़ी रफ्तार: सड़क, सिंचाई और पेयजल परियोजनाओं का निरीक्षण करने पहुंची तकनीकी टीम

रायपुर। नक्सलमुक्त हो रहे आबूझमाड़ क्षेत्र में अब विकास कार्यों ने तेजी पकड़ ली है। अनुसूचित जनजाति बहुल इलाकों में सड़क, जल निकासी, ओवरहेड टैंक, लघु सिंचाई योजना और अन्य बुनियादी सुविधाओं के निर्माण कार्य जोर-शोर से किए जा रहे हैं। हाल ही में सीटीई (चीफ टेक्निकल एग्जामिनर) की टीम ने नारायणपुर जिले के विभिन्न निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया।

टीम ने सबसे पहले हरिमार्कटोला में निर्मित सड़क का निरीक्षण किया। जांच के दौरान सड़क की मोटाई और चौड़ाई निर्धारित मानकों के अनुरूप पाई गई। इसके बाद टीम ने दूरस्थ ओरछा ब्लॉक में बनाए गए शेड का निरीक्षण किया और निर्माण की गुणवत्ता देखी।

इसी क्रम में टीम ने ग्राम पालकी में निर्मित ओवरहेड टैंक का जायजा लिया। इससे क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति बेहतर होने की उम्मीद है। वहीं जल संसाधन विभाग के अंतर्गत बैनूर रिजर्वायर के नवीनीकरण कार्य का भी निरीक्षण किया गया। अधिकारियों से निर्माण कार्यों की प्रगति और तकनीकी पहलुओं की विस्तार से जानकारी ली गई।

निरीक्षण के दौरान तकनीकी टीम ने निर्माण कार्यों में लगे अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश और मार्गदर्शन भी दिया। इससे भविष्य में गुणवत्ता पूर्ण और समयबद्ध कार्य सुनिश्चित किए जा सकेंगे।

पहले जहां नक्सल प्रभाव के कारण ऐसे क्षेत्रों तक पहुंचना मुश्किल था, वहीं अब नक्सलमुक्त बस्तर में जांच एजेंसियों और तकनीकी दलों का पहुंचना आसान हो गया है। स्थानीय अधिकारियों को तकनीकी सहयोग मिलने से सुदूर अबूझमाड़ में विकास कार्य तेजी और गुणवत्ता के साथ पूरे किए जा रहे हैं।

क्षेत्र में हो रहे ये बदलाव बस्तर में शांति, सुरक्षा और विकास के नए दौर की तस्वीर पेश कर रहे हैं।

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