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‌Bilaspur: एक तरफ केंद्र सरकार को घेरने प्रदर्शन की बनी रणनीति, दूसरी तरफ आपस में ही भिड़े कांग्रेसी दिग्गज नेता

उपेन्द्र त्रिपाठी@बिलासपुर। (‌Bilaspur)प्रदेश कांग्रेस कमेटी  के निर्देश पर डीजल पेट्रोल के बढ़ते दामों के विरोध में बिलासपुर में एक दिवसीय धरना कार्यक्रम रखा गया। जिसमें बिलासपुर शहर के विधायक शैलेश पांडे, शहर और ग्रामीण अध्यक्ष और अन्य दिग्गज कांग्रेसी नेता मौजूद रहे। नेहरू चौक पर कार्यक्रम  शुरू हो रहा था कि अचानक जिला अध्यक्ष विजय […]

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उपेन्द्र त्रिपाठी@बिलासपुर। (‌Bilaspur)प्रदेश कांग्रेस कमेटी  के निर्देश पर डीजल पेट्रोल के बढ़ते दामों के विरोध में

बिलासपुर में एक दिवसीय धरना कार्यक्रम रखा गया।

जिसमें बिलासपुर शहर के विधायक शैलेश पांडे, शहर और ग्रामीण अध्यक्ष और अन्य दिग्गज कांग्रेसी नेता मौजूद रहे।

नेहरू चौक पर कार्यक्रम  शुरू हो रहा था कि अचानक जिला अध्यक्ष विजय केशरवानी और प्रदेश सचिव आशीष सिंह

ठाकुर के बीच जमकर विवाद शुरू हो गया।

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कार्यक्रम को छोड़ सभी की नजर इस विवाद पर ही गड़ गई।

दोनों ने एक दूसरे पर मंच पर सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर उंगलियां उठाई।

कार्यक्रम की शुरुआत में कांग्रेस के प्रदेश सचिव और विधायक रश्मि सिंह के पति आशीष सिंह ठाकुर ने सोशल डिस्टेंसिंग को मंच में मेंटेन करने के लिए कहा।

इस पर धरना कार्यक्रम के आयोजक जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय केशरवानी नाराज हो गए और उन्होंने उन्हें

धकीयाते हुए पीछे जाकर बैठने के (‌Bilaspur) लिए कहा।

दोनों के बीच जमकर बहस और तू तू मैं मैं हो गई।

आशीष सिंह बर्ताव से नाराज होकर (‌Bilaspur) दूर पीछे दर्शक दीर्घा में जाकर बैठते हुए कहने लगे कि लो अब सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करो।

इसके विवाद के बाद जिलाध्यक्ष के आह्वान  पर मंच पर उपस्थित जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सिंह, विधायक शैलेश पांडे, शहर अध्यक्ष प्रमोद नायक,

आप और रामचरण यादव आदि ने सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन करते हुए कुर्सियां थोड़ी दूर दूर कर ली।

वहीं कांग्रेसी नेताओं के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ।

जिला कांग्रेस कमेटी में इस विवाद को पार्टी खाने के अंदर वर्चस्व और गुटबाजी की राजनीति के रूप में देखा जा रहा है।

लेकिन कांग्रेस पार्टी के विपक्ष को गिरने की इतनी बड़ी रणनीति के

बीच इस तरह के विवाद लंबे अरसे तक राजनीति में

जरूर याद किए जाएंगे।