दिल्लीञ दिल्ली शराब नीति मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की अपील पर आज दिल्ली उच्च न्यायालय में सुनवाई होगी। इससे पहले दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने 27 फरवरी को इस मामले में आरोपी बनाए गए दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिय समेत कुल 23 लोगों को आरोपों से मुक्त कर दिया था।
फैसला आने के करीब छह घंटे बाद ही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने निचली अदालत के आदेश को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय में अपील दाखिल कर दी थी। एजेंसी ने अपनी याचिका में अदालत से राउज एवेन्यू अदालत के आदेश को रद्द करने की मांग की है और मामले की दोबारा सुनवाई की बात कही है।
बरी होने के बाद अदालत परिसर के बाहर मीडिया से बातचीत के दौरान अरविंद केजरीवाल भावुक हो गए थे। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से उनके और उनकी पार्टी पर शराब घोटाले के आरोप लगाए जा रहे थे, लेकिन अदालत के फैसले ने साबित कर दिया कि वे और उनकी पार्टी ईमानदार हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें भारतीय न्याय व्यवस्था पर हमेशा भरोसा रहा है और अदालत के फैसले से सत्य की जीत हुई है।
केजरीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी पार्टी को खत्म करने के लिए यह एक बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र रचा गया था। उन्होंने कहा कि आजाद भारत के इतिहास में पहली बार किसी कार्यरत मुख्यमंत्री को गिरफ्तार कर महीनों तक जेल में रखा गया।
वहीं केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो का दावा है कि इस मामले में केजरीवाल के करीबी विजय नायर ने शराब नीति में फायदा दिलाने के बदले दक्षिण भारत के एक कारोबारी समूह से लगभग 100 करोड़ रुपये लिए थे। एजेंसी के अनुसार इस रकम का कुछ हिस्सा गोवा विधानसभा चुनाव में खर्च किया गया था। इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया अब उच्च न्यायालय की सुनवाई और उसके फैसले पर निर्भर करेगी।
