सूरजपुर में सर्पदंश से दंपती की मौत, हॉस्पिटल न ले जाने से चार बच्चे हुए अनाथ

सूरजपुर। सूरजपुर जिले के भैयाथान थाना क्षेत्र के ग्राम बसकर में एक दर्दनाक घटना हुई। तुलेश्वर गोंड (40) और उनकी पत्नी नीता (38) जमीन पर सो रहे थे, तभी रात के समय एक जहरीले करैत सांप ने उन्हें डस लिया। नींद खुलने पर दंपती ने सांप को मारकर घर के कोने में रख दिया और सो गए। कुछ समय बाद उनकी हालत बिगड़ने लगी।

परिजन और परिचित उन्हें हॉस्पिटल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक कराते रहे। परिणामस्वरूप दोनों की हालत और गंभीर हो गई। सुबह लगभग 11 बजे एम्बुलेंस के माध्यम से उन्हें भैयाथान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। महिला को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया, जबकि तुलेश्वर गोंड को गंभीर हालत में सूरजपुर जिला अस्पताल रेफर किया गया। वहां इलाज के बावजूद उनकी भी मौत हो गई। घटना के कारण चार बच्चों के माता-पिता एक साथ चल बसे और वे बेसहारा हो गए। बच्चों की देखभाल अब मृतक के एक भाई को करनी होगी। गांव में इस दुखद घटना से पूरे इलाके में शोक का माहौल है।

स्थानीय लोग बताते हैं कि सांप को मारने के बावजूद उसे नजरअंदाज कर सीधे हॉस्पिटल न ले जाने से मौतें हुईं। यह घटना ग्रामीण इलाकों में सर्पदंश और समय पर उचित इलाज की अहमियत को उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि जहरीले सांप के डसने पर झाड़-फूंक जैसे उपाय से कोई लाभ नहीं होता, और तुरंत अस्पताल ले जाना ही जीवन रक्षक होता है। दंपती की मौत ने गांव के लोगों में सुरक्षा और जागरूकता के प्रति चिंता बढ़ा दी है। अब स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को ग्रामीणों को सांप के काटने की स्थिति में आपातकालीन चिकित्सा सेवा और सावधानी के प्रति सचेत करने की जरूरत है।

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