रायपुर। दिल्ली में कांग्रेस के जिला अध्यक्षों की बैठक हुई, जिसमें संगठन को मजबूत करने पर चर्चा की गई। इस बैठक में राहुल गांधी ने जिला अध्यक्षों से कहा, “आपका पावर बढ़ेगा, लेकिन जिम्मेदारियां भी बढ़ेंगी।” उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय अधिवेशन में इस मुद्दे पर योजना बनाई जाएगी।
भूपेश बघेल की मौजूदगी में कई जिलाध्यक्षों ने राहुल गांधी से कहा कि सत्ता मिलने के बाद संगठन को अक्सर दरकिनार कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि संगठन और सत्ता को साथ चलना चाहिए, लेकिन कई राज्यों में ऐसा नहीं हो पाया। जिलाध्यक्षों का यह भी कहना था कि उनके पास पद तो है, लेकिन पावर नहीं।
निष्क्रिय नेताओं को हटाया जाएगा
राहुल गांधी ने बैठक में कहा कि जो नेता फील्ड में निष्क्रिय रहते हैं या पार्टी बैठकों से नदारद रहते हैं, उन्हें हटा दिया जाएगा, ताकि अच्छे काम करने वालों को ज्यादा ताकत मिले। बैठक में मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “जो लोग संकट के समय पार्टी के साथ रहे, वही असली योद्धा हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि जो मंत्री और चेयरमैन बने, वे संकट के समय पार्टी छोड़कर चले गए।
सोशल मीडिया पर भी ध्यान
कांग्रेस की सोशल मीडिया प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने डिजिटल प्रचार पर एक खास ट्रेनिंग दी। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में जिला स्तर पर भी सोशल मीडिया की जिम्मेदारी बढ़ेगी। बैठक में यह निर्देश दिया गया कि अब जिलाध्यक्षों को अपने काम के अलावा पार्टी के बड़े नेताओं की गतिविधियों पर भी नजर रखनी होगी। उन्हें यह रिपोर्ट बनानी होगी कि उनके जिले के नेता और वरिष्ठ पदाधिकारी संगठन के कार्यक्रमों में कितनी भागीदारी दिखा रहे हैं। बैठक में छत्तीसगढ़ के बस्तर जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रेमशंकर शुक्ला को अपनी बात रखने का मौका मिला। उन्होंने बस्तर जिले की स्थिति और संगठन की कार्यप्रणाली के बारे में अपनी राय साझा की।