छत्तीसगढ़ में ठंडी हवाओं का कहर: सरगुजा में 4.6°C पारा, ओस जमकर बनी बर्फ; रायपुर में धुंध, 3 दिन बाद राहत की उम्मीद

रायपुर। छत्तीसगढ़ में पहाड़ी इलाकों से आ रही ठंडी हवाओं ने लोगों को कड़ाके की सर्दी का अहसास करा दिया है। सरगुजा संभाग में ठंड का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है।

अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन के सबसे कम तापमानों में से एक है। बलरामपुर, मैनपाट और आसपास के इलाकों में रात के समय ओस की बूंदें जमकर बर्फ का रूप ले रही हैं, जिससे खेतों, पौधों और वाहनों पर सफेद परत नजर आ रही है। कई जगहों पर पाला पड़ने से ग्रामीण इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है।

सरगुजा में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा। विजिबिलिटी कम होने के कारण लोगों को दिन में भी वाहनों की लाइट जलाकर चलना पड़ा। सुबह और शाम के वक्त ठंड से बचने के लिए लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं। ठंडी हवाओं की वजह से तापमान में गिरावट बनी हुई है, जिससे खासकर बुजुर्गों और बच्चों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।

राजधानी रायपुर में भी सर्दी का असर दिखाई दे रहा है। सुबह और शाम के समय हल्की धुंध छाई रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने यात्रियों को सतर्क रहने, वाहन धीमी गति से चलाने और हैडलाइट या हैजर्ड लाइट का उपयोग करने की सलाह दी है। रायपुर में न्यूनतम तापमान औसतन 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रह सकता है।

पिछले 24 घंटे में प्रदेश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस बिलासपुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में रहा। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों में प्रदेश के न्यूनतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे ठंड से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि इसके बाद एक बार फिर तापमान में गिरावट आ सकती है।

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