रायपुर। प्रदेश में कड़ाके की सर्दी का दौर अभी थमने वाला नहीं है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले तीन दिनों तक छत्तीसगढ़ में ठंड और बढ़ेगी और न्यूनतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। खासतौर पर दुर्ग और अंबिकापुर में शीतलहर का असर दिखाई देगा, जबकि सरगुजा और बिलासपुर संभाग के कई जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले 24 घंटे में सरगुजा संभाग के अधिकांश जिलों और बिलासपुर संभाग के कुछ इलाकों में सुबह के समय घना कोहरा छाने की संभावना है। इससे विजिबिलिटी काफी कम हो सकती है और सड़क व रेल यातायात प्रभावित होने का अंदेशा है। तीन दिन बाद तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है, यानी ठंड लंबे समय तक लोगों को परेशान कर सकती है।
प्रदेश में ठंड का असर अब आंकड़ों में भी साफ दिख रहा है। ठंड के चलते पांच शहरों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। सरगुजा के मैनपाट में रात का पारा करीब 4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो प्रदेश में सबसे ठंडा रहा। अंबिकापुर में 5.6 डिग्री, पेंड्रा में 7 डिग्री, दुर्ग में 9 डिग्री और राजधानी रायपुर में न्यूनतम तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
पिछले 24 घंटे में प्रदेश में सबसे अधिकतम तापमान दुर्ग में 29.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 5.6 डिग्री दर्ज किया गया। पहाड़ी इलाकों के साथ-साथ मैदानी क्षेत्रों में भी पाले पड़ने लगे हैं। मैनपाट और पेंड्रा जैसे इलाकों में सुबह ओस की बूंदें जमकर बर्फ की तरह दिख रही हैं।
मौसम विभाग ने लोगों को अलर्ट रहने की सलाह दी है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को सुबह-शाम ठंड से बचाव के उपाय करने को कहा गया है। साथ ही कोहरे के चलते वाहन चालकों को धीमी गति से चलने और सावधानी बरतने की अपील की गई है।
