रायपुर। छत्तीसगढ़ में ठंड का दौर फिर लौट आया है। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर सहित कई जिलों में रात का तापमान 3-4 डिग्री तक गिर गया है। सरगुजा संभाग के जिलों में शीतलहर जारी है। अंबिकापुर-बनारस मार्ग पर घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे विजिबिलिटी लगभग 100 मीटर तक कम हो गई है। वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलना पड़ रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने डीप प्रेशर एरिया के कारण बस्तर, धमतरी, महासमुंद और रायपुर-बिलासपुर संभाग के दक्षिण और मध्य हिस्सों में आज कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। पिछले 24 घंटों में ठंड में वृद्धि हुई है और अगले 24 घंटों में तापमान में कोई खास बदलाव की संभावना नहीं है, हालांकि तीन दिन के अंदर यह 2-3 डिग्री तक बढ़ सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने शीतलहर के दौरान एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने कहा कि अचानक तापमान में उतार-चढ़ाव से हाइपोथर्मिया, सर्दी-जुकाम और वायरल फीवर का खतरा बढ़ सकता है। लोगों को अनावश्यक बाहर नहीं निकलने और जरूरी होने पर पूरी तरह गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।
पिछले 24 घंटों में राज्य का सबसे अधिक तापमान 29°C (दुर्ग) और सबसे कम न्यूनतम तापमान 6.9°C (अंबिकापुर) दर्ज किया गया, जो पिछले दस वर्षों में नवंबर महीने का सबसे कम न्यूनतम तापमान है। पेंड्रा इलाके के गांवों और कस्बों में लोग अलाव जलाकर ठंड से बचने की कोशिश कर रहे हैं।
नवंबर महीना छत्तीसगढ़ में आमतौर पर ठंड की शुरुआत का समय होता है। मौसम विज्ञान केंद्र के पुराने आंकड़ों के अनुसार 2 नवंबर 1935 को अधिकतम तापमान 35.6°C और 22 नवंबर 1883 को न्यूनतम तापमान 8.3°C दर्ज हुआ था। इस वर्ष का रिकॉर्ड पिछले 10 वर्षों में नवंबर की सबसे ठंडी रात साबित हो रहा है।

