रायपुर। रायपुर के समीप चंदखुरी में सोमवार को संवेदनशील नेतृत्व की एक मिसाल देखने को मिली, जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एक दिव्यांग ग्रामीण की समस्या को न सिर्फ सुना, बल्कि मौके पर ही उसका समाधान सुनिश्चित कर दिया। यह घटना शासन की तत्परता और मानवीय दृष्टिकोण को दर्शाती है।
चंदखुरी निवासी दिव्यांग चंदूलाल वर्मा के लिए यह दिन किसी सपने के सच होने जैसा रहा। वे मुख्यमंत्री से मिलने की उम्मीद लेकर कायस्थ मंगल भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में पहुंचे थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब वे आगे बढ़े, तो सुरक्षा कारणों से उन्हें रोक दिया गया। इसी दौरान मुख्यमंत्री की नजर उन पर पड़ी और उन्होंने तुरंत सुरक्षाकर्मियों को निर्देश देकर चंदूलाल को मंच पर बुलवाया।
मुख्यमंत्री के सामने पहुंचते ही चंदूलाल ने अपनी पीड़ा साझा की। उन्होंने बताया कि वे पहले राजमिस्त्री का काम करते थे, लेकिन शुगर और डायबिटिक फुट की गंभीर समस्या के कारण अब चलना-फिरना मुश्किल हो गया है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने से वे काम भी नहीं कर पा रहे हैं और उन्हें बैटरी से चलने वाली ट्राईसिकल की सख्त जरूरत है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उनकी बात गंभीरता से सुनी और तत्काल सहायता राशि प्रदान करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि उन्हें जल्द से जल्द मोटराइज्ड ट्राईसिकल उपलब्ध कराई जाए। उनके निर्देश पर प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की। नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतीक बैस ने प्रक्रिया पूरी कर चंदूलाल को मौके पर ही ट्राईसिकल उपलब्ध करा दी।
अपनी खुशी जाहिर करते हुए चंदूलाल भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि मुख्यमंत्री उनसे मिलेंगे और इतनी जल्दी उनकी समस्या का समाधान हो जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए इसे अपने जीवन का अविस्मरणीय पल बताया।
यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति की मदद नहीं, बल्कि यह दर्शाती है कि राज्य सरकार आम नागरिकों की समस्याओं के प्रति कितनी संवेदनशील है। मुख्यमंत्री का यह कदम सुशासन के उस मॉडल को मजबूत करता है, जहां हर जरूरतमंद की आवाज सीधे सरकार तक पहुंचती है और उसका समाधान भी त्वरित रूप से होता है।
