मुंबई। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने बारामती प्लेन क्रैश को लेकर 22 पेज की प्राथमिक जांच रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 28 जनवरी को मुंबई से बारामती जा रहे लियरजेट 45XR विमान ने कम दृश्यता के बावजूद रनवे पर उतरने का प्रयास किया। लैंडिंग से पहले विमान दाईं ओर मुड़ा, पेड़ों से टकराया और फिर जमीन से टकराने के बाद उसमें आग लग गई। इस हादसे में महाराष्ट्र के डिप्टी मुख्यमंत्री अजित पवार सहित कुल पांच लोगों की मौत हो गई थी।
AAIB ने क्रैश साइट के पास गांव में लगे सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण करते हुए बताया कि विमान ने अंतिम क्षणों में अचानक दिशा बदली और रनवे के बजाय आसपास के पेड़ों से टकरा गया। टक्कर के बाद विमान जमीन पर गिरा, जिससे भीषण आग लग गई और कॉकपिट व केबिन पूरी तरह जल गए।
रिपोर्ट के अनुसार, 27 जनवरी को विमान ने एक चार्टर फ्लाइट पूरी कर मुंबई लौटने के बाद पोस्ट-फ्लाइट चेक कराया था, जिसमें किसी भी तकनीकी खराबी का पता नहीं चला। अगले दिन सुबह 8.09 बजे विमान को टेकऑफ की अनुमति मिली। करीब 8.19 बजे पायलट का संपर्क बारामती एयर ट्रैफिक कंट्रोल से हुआ। उस समय विजिबिलिटी तीन किलोमीटर बताई गई थी, जो सुरक्षित लैंडिंग के लिए पर्याप्त नहीं मानी जाती।
इसके बावजूद पायलट ने अप्रोच जारी रखा। पहले प्रयास में गो-अराउंड किया गया, लेकिन दूसरे अप्रोच के दौरान रनवे दिखाई देने की सूचना दी गई और टावर से लैंडिंग की अनुमति मिल गई। रिपोर्ट में बताया गया है कि क्रैश से ठीक पहले कॉकपिट में मौजूद क्रू सदस्य को “ओह शिट… ओह शिट…” कहते हुए सुना गया।
