रायपुर। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित चिरायु योजना ने बस्तर जिले की एक मासूम बच्ची के जीवन में नई रोशनी भर दी।
योजना के तहत शून्य से 18 वर्ष तक के बच्चों में जन्मजात हृदय रोग, मोतियाबिंद, कटे होंठ, टेढ़े-मेढ़े हाथ-पैर सहित 44 गंभीर बीमारियों का निःशुल्क उपचार शासन द्वारा कराया जाता है। चिरायु दल बच्चों की स्क्रीनिंग कर पात्र मामलों को उपचार के लिए चिन्हित करता है।
बस्तर जिले के बकावण्ड विकासखंड अंतर्गत ग्राम जामगुड़ा (धनपुर) निवासी महेश भारती की बेटी रंजना जन्म से ही कटे होंठ (क्लेफ्ट लिप) की समस्या से पीड़ित थी।
बेटी के भविष्य और सामाजिक स्वीकार्यता को लेकर परिवार चिंतित था। आर्थिक तंगी के कारण निजी अस्पताल में ऑपरेशन कराना संभव नहीं था। ऐसे में परिवार खुद को असहाय महसूस कर रहा था।
19 जून 2025 को बकावण्ड के आंगनबाड़ी केंद्र में चिरायु दल की टीम ने स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान रंजना की स्थिति पहचानी। टीम ने परिजनों को भरोसा दिलाते हुए बच्ची को जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र रेफर किया।
जिला स्वास्थ्य समिति के सहयोग से उपचार की प्रक्रिया शुरू हुई। 6 नवंबर 2025 को रंजना को रायपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों ने सफल शल्यक्रिया की।
जांच, ऑपरेशन और अस्पताल में भर्ती सहित पूरा खर्च शासन द्वारा वहन किया गया, जिससे परिवार पर कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ा। 13 फरवरी को फॉलो-अप जांच में रंजना पूरी तरह स्वस्थ पाई गई।
अब उसके चेहरे पर खिली मुस्कान ने माता-पिता की वर्षों पुरानी चिंता दूर कर दी है।
परिजनों ने शासन की इस संवेदनशील योजना के प्रति आभार जताते हुए कहा कि अब उन्हें अपनी बेटी के उज्ज्वल भविष्य की पूरी उम्मीद है।
