रायपुर। गुजरात के गांधीनगर में आयोजित 10वें वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम (WCEF 2026) में छत्तीसगढ़ ने सक्रिय भागीदारी की। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा के नेतृत्व में राज्य के प्रतिनिधिमंडल ने सर्कुलर इकोनॉमी, संसाधन दक्षता और कचरे को उपयोगी संसाधन में बदलने के आधुनिक तरीकों पर वैश्विक विशेषज्ञों के साथ चर्चा की। राज्य शहरी विकास अभिकरण के सीईओ सुमीत अग्रवाल भी प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे।
सोनमणि बोरा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार शहरी क्षेत्रों में टिकाऊ अपशिष्ट प्रबंधन और संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। आधुनिक तकनीक और नवाचार के जरिए कचरे को उपयोगी संसाधन में बदलने पर जोर दिया जा रहा है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ स्वच्छ और टिकाऊ शहरों के निर्माण को गति मिलेगी।
फोरम में विभिन्न देशों के नीति-निर्माता, उद्योग विशेषज्ञ, तकनीकी संस्थान और सर्कुलर इकोनॉमी से जुड़े प्रतिनिधि शामिल हुए। यहां टिकाऊ उत्पादन एवं उपभोग, संसाधनों के बेहतर उपयोग और वेस्ट-टू-रिसोर्स जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
प्रदर्शनी में नई तकनीकों की जानकारी ली
छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने फोरम के प्रदर्शनी केंद्रों का भी अवलोकन किया। यहां रिसाइक्लिंग, संसाधन रिकवरी, कचरे से उपयोगी उत्पाद बनाने और सर्कुलर बिजनेस मॉडल से जुड़ी तकनीकों को प्रदर्शित किया गया था। टीम ने इन समाधानों के जरिए कचरे को बोझ के बजाय आर्थिक और उपयोगी संसाधन में बदलने की संभावनाएं समझीं।
प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ के शहरी क्षेत्रों में इन वैश्विक और राष्ट्रीय स्तर के नवाचारों की उपयोगिता पर भी जानकारी जुटाई। खास तौर पर अपशिष्ट प्रबंधन, संसाधन दक्षता और वेस्ट-टू-वैल्यू मॉडल को राज्य में अपनाने की संभावनाओं पर फोकस रहा।
