खेलों में समग्र विकास के लिए छत्तीसगढ़ तैयार : अरुण साव

श्रीनगर में खेल चिंतन शिविर में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री, भारत को खेल शक्ति बनाने पर मंथन

रायपुर। उप मुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री अरुण साव ने कहा है कि छत्तीसगढ़ खेलों के समग्र विकास के लिए पूरी तरह तैयार है। राज्य पूरे देश के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ेगा और गांव-गांव से नई प्रतिभाओं को सामने लाने का काम करेगा।

अरुण साव शुक्रवार को श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर में शुरू हुए दो दिवसीय खेल चिंतन शिविर में शामिल हुए। इस राष्ट्रीय आयोजन में केंद्रीय युवा कार्य और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे, विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के खेल मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ मौजूद रहे।

छत्तीसगढ़ की ओर से अरुण साव के साथ खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार भी शामिल हुए। साव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप 2047 तक भारत को खेल महाशक्ति बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम कर रही हैं।

चिंतन शिविर के पहले दिन ‘मेडल स्ट्रेटजी-खेलो इंडिया’ पर गहन चर्चा हुई। 2048 तक भारत को ओलंपिक पदक तालिका में टॉप-5 देशों में शामिल करने का रोडमैप तैयार करने पर विचार किया गया। खेल प्रशिक्षकों की क्षमता बढ़ाने और स्पोर्ट्स साइंस के विस्तार पर भी सहमति बनी।

दूसरे सत्र में ‘खेलो भारत नीति’ के तहत केंद्र और राज्यों के बेहतर समन्वय, प्रतिभा पहचान, खेल अकादमियों के मानकीकरण और स्कूलों में शारीरिक शिक्षा को मजबूत करने पर चर्चा हुई। खिलाड़ियों का समग्र डाटाबेस तैयार करने और ग्रामीण क्षेत्रों में खेल संस्कृति विकसित करने पर जोर दिया गया।

तीसरे सत्र में डोपिंग और खेल नैतिकता पर गंभीर मंथन हुआ। ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा ने खिलाड़ियों की सुरक्षा और पेशेवर माहौल के लिए सेफ गार्डिंग ऑफिसर्स की संख्या बढ़ाने की जरूरत बताई। यह शिविर 26 अप्रैल तक चलेगा।

Exit mobile version