रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विभागों से संबंधित 10,617 करोड़ 73 लाख 49 हजार रुपए की अनुदान मांगें विस्तृत चर्चा के बाद पारित कर दी गईं। मुख्यमंत्री ने चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि उनकी सरकार ‘संकल्प’ के साथ छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा और ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के निर्माण में जुटी है।
प्रमुख विभागों हेतु आवंटित बजट (करोड़ में)
सदन में पारित बजट का मुख्य हिस्सा ऊर्जा, जल संसाधन और खनिज साधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए है:
| विभाग | आवंटित राशि (₹ करोड़) |
| ऊर्जा विभाग | 4,236.01 |
| जल संसाधन विभाग | 3,105.11 |
| खनिज साधन विभाग | 1,145.89 |
| सामान्य प्रशासन विभाग | 612.29 |
| जनसंपर्क विभाग | 469.99 |
| इलेक्ट्रॉनिक्स एवं IT | 416.99 |
| विमानन विभाग | 314.99 |
सुशासन और ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस अपनाकर व्यवस्थागत लीकेज को खत्म किया है। उन्होंने आबकारी राजस्व का उदाहरण देते हुए बताया कि फर्जीवाड़े पर रोक लगने से राजस्व 5,110 करोड़ से बढ़कर ₹11,000 करोड़ (अनुमानित) हो गया है। अब जनता का पैसा सीधे जनकल्याण पर खर्च हो रहा है।
सिंचाई और कृषि: ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’
कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए सरकार ने पिछले दो वर्षों में 11,107 करोड़ की सिंचाई परियोजनाएं स्वीकृत की हैं।
- उपलब्धि: 25,000 हेक्टेयर नई सिंचाई क्षमता का सृजन।
- लक्ष्य: 115 निर्माणाधीन परियोजनाओं से 76,000 हेक्टेयर अतिरिक्त विस्तार।
- बस्तर: इंद्रावती नदी पर मटनार और देऊरगांव बैराज से 32,000 हेक्टेयर में सिंचाई प्रस्तावित।
ऊर्जा और जनहित: बिजली बिल में राहत
छत्तीसगढ़ को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने के लिए 32,000 मेगावाट की परियोजनाओं हेतु MOU किए गए हैं। जनता को राहत देने के लिए बजट में विशेष प्रावधान हैं:
- कृषि पंप: 8.83 लाख किसानों को सब्सिडी हेतु 5,500 करोड़।
- घरेलू राहत: 42 लाख उपभोक्ताओं को 400 यूनिट तक राहत हेतु 800 करोड़।
- BPL परिवार: 30 यूनिट मुफ्त बिजली के लिए ₹354 करोड़।
- विकास: ‘नियद नेल्ला नार’ योजना से नक्सल प्रभावित 158 गांव पूर्णतः विद्युतीकृत।
डिजिटल क्रांति और AI मिशन
नई पीढ़ी को तकनीक से जोड़ने के लिए ₹417 करोड़ का IT बजट रखा गया है। इसमें ‘मुख्यमंत्री AI मिशन’ के लिए ₹100 करोड़ आवंटित हैं, जिसके तहत डेटा लैब्स और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाए जाएंगे। साथ ही, ‘भारत नेट’ के जरिए ग्राम पंचायतों में इंटरनेट पहुंचाने हेतु ₹3,900 करोड़ की स्वीकृति मिली है।
विमानन और कनेक्टिविटी
प्रदेश में हवाई सेवाओं के विस्तार हेतु ‘CG वायु योजना’ के लिए ₹30 करोड़ का प्रावधान है। बिलासपुर एयरपोर्ट को नाइट लैंडिंग हेतु अपग्रेड किया गया है और रायपुर में इंटरनेशनल कार्गो टर्मिनल के लिए कार्य योजना तैयार है।
मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त शासन और सुव्यवस्थित बजट प्रबंधन से छत्तीसगढ़ अब माओवादी हिंसा के अंधकार से बाहर निकलकर विकास के उजाले की ओर बढ़ रहा है।
