रायपुर। (Chhattisgarh) छत्तीसगढ़ में कोरोना महामारी का रूप विकराल हो चुका है। औसतन रोज 50 से ऊपर लोगों की मौत हो रही है। श्मशान घाट पर शवों की कतार लग गई है। बीते दिनों 40 शवों के अंतिम संस्कार के लिए 48 घंटे से ऊपर का इंतजार करना पड़ा। (Chhattisgarh) ऐसे में कोविड-19 महामारी से उत्पन्न हो रही समस्याओं को ध्यान में रखते हुए और शवों को जलाने के लिए लोगों को लंबा इंतजार ना करना पड़े. विद्युत शवदाहगृह स्थापित करने नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ शिवकुमार डहरिया ने मुक्तिधामों में मौत के बाद शव जलाने में लम्बा इंतजार और लोगों को आ रही कठिनाइयों को गंभीरता से लिया है।
(Chhattisgarh) इसके लिए विद्युत शवदागृह स्थापित करने के निर्देश सरकार ने दिये हैं। विद्युत शवदाहगृह रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, कोरबा, भिलाई नगर निगम के लिए पहले से अनुमति दी जा चुकी थी अब रिसाली और दुर्ग के लिए अंधोसंरचना मद से 47 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है।
राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल अंबेडकर अस्पताल की मरीजों से कह दिया गया है कि बेड खाली होने पर बेड दिया जाएगा। हालत ऐसी है कि जिनकी स्थिति गंभीर है उन्हें स्ट्रेचर पर लेटाकर रखा जा रहा है तो कुछ मरीजों को कुर्सियों पर बैठा कर आक्सीजन दिया जा रहा है।
लाशें ले जाने के लिए गाड़ी नहीं मिल रही
अंबेडकर अस्पताल में कोरोना संक्रमित व्यक्तियों के शवों को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने के लिए गाड़ियां नहीं मिल रही थीं। मच्र्यूरी कर्मचारी कहते है कि यहां सुबह से लोग इंतजार कर रहे हैं हम क्या करें, गाड़ियां सब गई हुई हैं शवों को लेकर जब गाड़ी आएगी बॉडी दे दी जाएगी।