रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र आज (23 फरवरी) से शुरू हो गया है और यह 20 मार्च तक चलेगा। सत्र में कुल 15 बैठकें प्रस्तावित हैं। सत्र की शुरुआत सुबह 11:05 बजे राज्यपाल रामेन डेका के अभिभाषण से होगी।
अभिभाषण के बाद कृतज्ञता ज्ञापन प्रस्ताव पर 25 फरवरी को चर्चा होगी। वित्त मंत्री ओपी चौधरी 24 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट सदन में पेश करेंगे। इसके बाद 26 और 27 फरवरी को सामान्य चर्चा होगी।
9 से 17 मार्च तक विभागवार अनुदान मांगों पर चर्चा होगी, जबकि 17 मार्च को विनियोग विधेयक पेश किया जाएगा और 18 मार्च को पारित किया जाएगा।
इस सत्र में खास बात यह है कि शराब घोटाले मामले में जेल में रहे पूर्व मंत्री कवासी लखमा भी सदन में उपस्थित होंगे। उच्च न्यायालय से उन्हें 3 फरवरी को अंतरिम जमानत मिली थी।
विधानसभा ने तय किया है कि वे केवल सत्र और विधानसभा परिसर में ही रहेंगे, किसी क्षेत्रीय दौरे या राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे। सबसे अहम शर्त ‘नो स्पीच’ है, यानी वे अपने केस से जुड़े किसी भी मुद्दे पर चर्चा या टिप्पणी नहीं कर सकते।
बजट सत्र के लिए अब तक 2813 प्रश्नों की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं, जिनमें 1376 तारांकित प्रश्न, 61 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, 1 अविलंबनीय चर्चा, 13 अशासकीय संकल्प, 9 शून्यकाल सूचनाएं और 112 याचिकाएं शामिल हैं। इसके अलावा दो महत्वपूर्ण विधेयक – छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक, 2026 और छत्तीसगढ़ लोक सुरक्षा (उपाय) प्रवर्तन विधेयक, 2026 – भी सूचीबद्ध हैं।
सत्र के दौरान जिलों में नालंदा लाइब्रेरी, शहरों में नए स्टेडियम और रिंग रोड के निर्माण के लिए प्रावधान पेश किए जाने की संभावना है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि केवल 15 बैठकों का सत्र चर्चा के लिए पर्याप्त नहीं है और जल्दबाजी दिखाई जा रही है।
राजनीतिक रूप से यह सत्र महत्वपूर्ण है, क्योंकि सरकार अपनी वित्तीय प्राथमिकताओं को पेश करेगी और विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश करेगा। कवासी लखमा की सशर्त उपस्थिति भी सत्र का ध्यानाकर्षक पहलू बनी हुई है।
