पीएम ग्राम सड़क योजना के चीफ इंजीनियर का जाति प्रमाण पत्र निरस्त, बर्खास्तगी की आशंका

रायपुर। रायपुर में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के मुख्य अभियंता केके कुटारे के अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र को अवैध घोषित कर निरस्त कर दिया गया है। उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति के इस फैसले के बाद उनकी सेवा से बर्खास्तगी की संभावना बढ़ गई है।

जानकारी के अनुसार प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में गठित समिति ने यह निर्णय डोंगरगांव जनपद उपाध्यक्ष विरेंद्र चौकर और विजय मिश्रा द्वारा 2017 से 2025 के बीच की गई शिकायतों के आधार पर लिया। लंबे समय से कुटारे के जाति प्रमाण पत्र की वैधता को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे, जिसके बाद मामले की जांच की गई।

जांच में समिति ने पाया कि केके कुटारे ने अपना मूल निवास तुमसार, महाराष्ट्र में स्वीकार किया था। इसके बावजूद उन्होंने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के जाति प्रमाण पत्रों के आधार पर अनुसूचित जाति का लाभ लिया। समिति ने जन्म रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों की जांच के बाद पाया कि उनके दादा का नाम भी तुमसर के रिकॉर्ड में दर्ज है।

समिति ने अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि अनुसूचित जाति का लाभ केवल उसी राज्य में मान्य होता है, जहां व्यक्ति का मूल निवास होता है। चूंकि कुटारे का मूल निवास महाराष्ट्र पाया गया, इसलिए उनका प्रमाण पत्र छत्तीसगढ़ में मान्य नहीं माना गया।

जांच के दौरान समिति ने कुटारे को अपना पक्ष रखने के लिए कई बार अवसर दिया, लेकिन वे सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद समिति ने उनके जाति प्रमाण पत्र को अवैध मानते हुए निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया।

समिति में डॉ. सारांश मित्तर, विनीत नंदनवार और रितुराज रघुवंशी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। अब शासन स्तर पर आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। यदि जांच रिपोर्ट के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाता है, तो कुटारे को पद से हटाने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

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