काबुल। (Taliban) अफगानिस्तान के लिए 15 अगस्त का दिन किसी मनहूसियत से कम नहीं था। अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद से तालिबानी लड़ाके सक्रिय हो गए, और अफगानिस्तान के प्रांतों में अपनी मौजूदगी का छाप छोड़ दिए।
एक और तालिबान महिलाओं को अधिकार देने की बात कर रहा है, तो दूसरी ओर उसका दूसरा चेहरा है। महिलाओं के साथ हैवानियत और क्रूरता की सारी हदें पार हो चुकी है। अफगानिस्तान के प्रांतीय शहर में एक महिला पुलिसकर्मी की गोली मारकर हत्या कर दी गई. महिला आठ महीने की गर्भवती थी।
(Taliban) बानू नेगर नाम की महिला पुलिसकर्मी की हत्या मध्य घोर प्रांत की राजधानी फिरोजकोह में परिजनों के सामने ही तालिबान ने कर दी. यह हत्या अफगानिस्तान में महिलाओं के दमन की बढ़ती खबरों के बीच हुई है. हालांकि, तालिबान ने इस हत्याकांड से खुद को अलग कर लिया है. उसका कहना है कि नेगर की मौत में उनकी कोई संलिप्तता नहीं है.
तालिबान(Taliban) के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने कहा कि हम घटना से अवगत हैं और मैं पुष्टि कर रहा हूं कि तालिबान ने उसे नहीं मारा है, हमारी जांच जारी है. उन्होंने कहा कि तालिबान ने पहले ही पिछले प्रशासन के लिए काम करने वाले लोगों के लिए माफी की घोषणा कर दी थी, और नेगर की हत्या को “व्यक्तिगत दुश्मनी या कुछ और” हो सकती है.
घटना का विवरण अभी भी अस्पष्ट है, क्योंकि फिरोजकोह में कई लोग बोलने से कतरा रहे हैं, लेकिन बीबीसी की रिपोर्ट में दावा किया गया कि तालिबान ने शनिवार को नेगर को उसके पति और बच्चों के सामने ही पीट-पीट कर मार डाला. रिश्तेदारों ने एक तस्वीर शेयर की, जिसमें एक कमरे के कोने में खून के छींटे दिखाई दे रहे हैं.
परिवार का कहना है कि स्थानीय जेल में काम करने वाली नेगर आठ महीने की गर्भवती थीं. रिश्तेदारों का कहना है कि शनिवार को तीन बंदूकधारी घर पहुंचे और परिवार के सदस्यों को बांधने से पहले उसकी तलाशी ली. एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि घुसपैठियों को अरबी बोलते हुए सुना गया.
15 अगस्त को सत्ता संभालने के बाद से तालिबान ने अपनी छवि बदलने की लाख कोशिश की है, लेकिन अफगानिस्तान के कुछ हिस्सों में अभी भी क्रूरता और दमन की घटनाएं सामने आ रही हैं.
आरोप है कि बानू नेगर नाम की महिला पुलिसकर्मी की हत्या मध्य घोर प्रांत की राजधानी फिरोजकोह में परिजनों के सामने ही तालिबान ने कर दी. यह हत्या अफगानिस्तान में महिलाओं के दमन की बढ़ती खबरों के बीच हुई है. हालांकि, तालिबान ने इस हत्याकांड से खुद को अलग कर लिया है. उसका कहना है कि नेगर की मौत में उनकी कोई संलिप्तता नहीं है.
तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने कहा कि हम घटना से अवगत हैं और मैं पुष्टि कर रहा हूं कि तालिबान ने उसे नहीं मारा है, हमारी जांच जारी है. उन्होंने कहा कि तालिबान ने पहले ही पिछले प्रशासन के लिए काम करने वाले लोगों के लिए माफी की घोषणा कर दी थी, और नेगर की हत्या को “व्यक्तिगत दुश्मनी या कुछ और” हो सकती है.
घटना का विवरण अभी भी अस्पष्ट है, क्योंकि फिरोजकोह में कई लोग बोलने से कतरा रहे हैं, लेकिन बीबीसी की रिपोर्ट में दावा किया गया कि तालिबान ने शनिवार को नेगर को उसके पति और बच्चों के सामने ही पीट-पीट कर मार डाला. रिश्तेदारों ने एक तस्वीर शेयर की, जिसमें एक कमरे के कोने में खून के छींटे दिखाई दे रहे हैं.
परिवार का कहना है कि स्थानीय जेल में काम करने वाली नेगर आठ महीने की गर्भवती थीं. रिश्तेदारों का कहना है कि शनिवार को तीन बंदूकधारी घर पहुंचे और परिवार के सदस्यों को बांधने से पहले उसकी तलाशी ली. एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि घुसपैठियों को अरबी बोलते हुए सुना गया.
15 अगस्त को सत्ता संभालने के बाद से तालिबान ने अपनी छवि बदलने की लाख कोशिश की है, लेकिन अफगानिस्तान के कुछ हिस्सों में अभी भी क्रूरता और दमन की घटनाएं सामने आ रही हैं.