रायपुर। दंतेवाड़ा जिले के बचेली की निवासी कुमारी के लिए स्मार्टफोन खरीदना कभी आसान नहीं था। सीमित संसाधनों के चलते उनके पास अपना मोबाइल फोन नहीं था।
सरकारी योजनाओं और जरूरी जानकारियों के लिए उन्हें दूसरों के मोबाइल पर निर्भर रहना पड़ता था। महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि में से नियमित रूप से थोड़ी-थोड़ी बचत कर उन्होंने अपना स्मार्टफोन खरीदा। अब यही फोन उनके लिए जानकारी और दूसरों की मदद का माध्यम बन गया है।
कुमारी को महतारी वंदन योजना के तहत हर माह राशि मिलती है। उन्होंने इस राशि में से अपनी जरूरत के अनुसार कुछ हिस्सा अलग रखना शुरू किया। कई महीनों की बचत के बाद उन्होंने स्मार्टफोन खरीदा। फोन लेने के बाद उन्होंने खुद उसका उपयोग करना सीखा और धीरे-धीरे डिजिटल माध्यमों से मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी हासिल की।
अब वे स्मार्टफोन के जरिए देश-दुनिया की खबरों के साथ सरकारी योजनाओं और विभिन्न डिजिटल सेवाओं की जानकारी भी प्राप्त करती हैं। किसी योजना का लाभ लेने की प्रक्रिया हो या जरूरी सरकारी सूचना, वे मोबाइल के माध्यम से जानकारी जुटाने का प्रयास करती हैं।
स्मार्टफोन का उपयोग केवल अपनी जरूरतों तक सीमित नहीं रखते हुए श्रीमती कुमारी आसपास के लोगों की भी मदद करती हैं। खासकर बुजुर्गों को किसी योजना या आवश्यक जानकारी की जरूरत होने पर वे मोबाइल के जरिए संबंधित सूचना खोजकर उपलब्ध कराने में सहयोग करती हैं।
इस तरह महतारी वंदन योजना से मिलने वाली आर्थिक सहायता का एक हिस्सा बचाकर खरीदा गया स्मार्टफोन उनके लिए डिजिटल जानकारी तक पहुंच का साधन बन गया है। साथ ही वे अपने आसपास के लोगों को भी जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने में भूमिका निभा रही हैं।
