बिरनपुर हिंसा: रहीम–ईदुल हत्याकांड में 17 आरोपी दोषमुक्त, कोर्ट बोला– ठोस सबूत नहीं मिले

बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित बिरनपुर हिंसा मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय बेमेतरा ने बड़ा फैसला सुनाते हुए रहीम मोहम्मद और उनके बेटे ईदुल मोहम्मद की हत्या के प्रकरण में आरोपी बनाए गए सभी 17 लोगों को दोषमुक्त कर दिया है। करीब तीन साल तक चली सुनवाई के बाद द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश साक्षी दीक्षित की अदालत ने कहा कि आरोप संदेह से परे साबित नहीं हो सके और अभियोजन पक्ष ठोस सबूत पेश करने में असफल रहा।

यह मामला 8 अप्रैल 2023 को बिरनपुर गांव में दो समुदायों के बीच हुई हिंसा से जुड़ा है। उस दिन हुए विवाद में भाजपा विधायक ईश्वर साहू के पुत्र भुनेश्वर साहू की हत्या कर दी गई थी। इसके तीन दिन बाद 11 अप्रैल को शक्तिघाट क्षेत्र में रहीम मोहम्मद और उनके बेटे ईदुल मोहम्मद की लाशें बरामद हुई थीं। पुलिस ने इस मामले में 17 लोगों को गिरफ्तार कर हत्या का केस दर्ज किया था।

कोर्ट में कुल 52 गवाहों के बयान दर्ज किए गए, लेकिन स्वतंत्र गवाहों ने अभियोजन के पक्ष का समर्थन नहीं किया। अदालत ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ ऐसे पुख्ता और निर्णायक सबूत नहीं मिले, जिनसे यह साबित हो सके कि हत्या इन्हीं ने की थी। इसी आधार पर सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया।

दोषमुक्त अजय साहू ने फैसले के बाद कहा कि 10 महीने जेल में रहने से उनकी आर्थिक और मानसिक स्थिति बेहद खराब हो गई। उन्होंने पूछताछ के दौरान प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए कहा कि 17 परिवार आज भी संकट में हैं। उन्होंने सरकार से नौकरी देने की मांग की और चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर साजा में धरना देंगे।

गौरतलब है कि भुनेश्वर साहू की हत्या के बाद 2023 विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उनके पिता ईश्वर साहू को साजा सीट से उम्मीदवार बनाया था। उन्होंने कांग्रेस मंत्री रविंद्र चौबे को हराकर जीत दर्ज की थी। वहीं, भुनेश्वर हत्याकांड की CBI जांच और ट्रायल रायपुर की CBI कोर्ट में अभी जारी है।

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