कोरबा। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान एक बार फिर सार्वजनिक हो गई है। पूर्व कैबिनेट मंत्री जयसिंह अग्रवाल के जन्मदिन के मौके पर लगे पोस्टरों और विज्ञापनों से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की तस्वीर पूरी तरह गायब रही। इस घटनाक्रम ने सियासी गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है, जिस पर भाजपा ने तीखा हमला बोला है।
पोस्टरों से कटी पूर्व मुख्यमंत्री की फोटो
मंगलवार को जयसिंह अग्रवाल का जन्मदिन मनाया गया। इस दौरान शहर भर में लगे होर्डिंग्स, फ्लेक्स और अखबारों के विज्ञापनों में कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ प्रदेश के दिग्गज नेताओं की तस्वीरें तो थीं, लेकिन भूपेश बघेल कहीं नजर नहीं आए। पोस्टरों में पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत, सांसद ज्योत्स्ना महंत और टीएस सिंहदेव को प्रमुखता से जगह दी गई थी।
भाजपा का तंज: ‘सरकार में थे तब भी लड़ रहे थे’
इस मामले पर भाजपा के कोरबा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यह विवाद नया नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी, तब भी ढाई-ढाई साल का झगड़ा चलता रहा। इसी आपसी लड़ाई के कारण पूरे प्रदेश और कोरबा का विकास ठप हो गया था।”
‘लड़-लड़ कर खत्म हो जाएगी कांग्रेस’
गोपाल मोदी ने आगे कहा कि कांग्रेस में विकास की कोई बात नहीं होती, वहां केवल गुटबाजी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता आपस में लड़कर ही अपनी पार्टी खत्म कर लेंगे। वहीं दूसरी ओर, भाजपा ‘सबका साथ, सबका विकास’ के नारे के साथ लगातार काम कर रही है। जयसिंह अग्रवाल और भूपेश बघेल के बीच की यह दूरी अब पोस्टर पॉलिटिक्स के जरिए खुलकर सामने आ गई है।
