गरबा विवाद पर भूपेश का BJP पर हमला: बोले- पहले अपना घर सुधारें, फिर धर्म सिखाएं

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दुर्ग में गरबा कार्यक्रम में मुस्लिम युवकों की एंट्री को लेकर हुए विवाद पर भाजपा और बजरंग दल पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि दूसरों को धर्म का ज्ञान देने से पहले अपना घर सुधारना चाहिए।

भाजपा और आरएसएस के बड़े नेताओं के परिवारों में भी मुस्लिम परिवारों से रिश्ते हुए हैं। बघेल गुरुवार को विवाद के अगले दिन उसी गरबा पंडाल में पहुंचे और मां दुर्गा की महाआरती की।

दरअसल, बुधवार रात दुर्ग में नवनिर्माण समिति के गरबा कार्यक्रम में मुस्लिम युवकों की एंट्री को लेकर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं और समिति के पदाधिकारियों के बीच विवाद हुआ था।

इस दौरान कांग्रेस जिला अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल के साथ धक्का-मुक्की भी हुई थी। इसके बाद बघेल ने कार्यक्रम स्थल पहुंचकर इस घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

मोहन भागवत के बयान का किया जिक्र

बघेल ने कहा कि बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को बताना चाहिए कि वे आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की बात मानते हैं या नहीं।

उन्होंने भागवत के उस बयान का हवाला दिया, जिसमें मुसलमानों को प्रताड़ित करने वालों को सच्चा हिंदू नहीं माना गया था। बघेल ने कहा कि जब आरएसएस प्रमुख सभी भारतीयों का डीएनए एक बताते हैं, तो फिर इस तरह का विरोध क्यों किया जाता है?

उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का जिक्र करते हुए कहा कि दूसरों के परिवार और धर्म पर टिप्पणी करने से पहले अपने घर की स्थिति देखनी चाहिए।

भिलाई स्टील प्लांट के निजीकरण का विरोध

भिलाई इस्पात संयंत्र के निजीकरण की चर्चा पर भी बघेल ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा, “भिलाई नहीं बिकेगा।” उनके मुताबिक, भिलाई इस्पात संयंत्र छत्तीसगढ़ ही नहीं, पूरे देश की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।

यहां रोजगार के साथ शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भी देशभर से लोग आते हैं। बघेल ने कहा कि संयंत्र को बचाने के लिए लंबी लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने रावघाट परियोजना का उदाहरण देते हुए निजीकरण के प्रयासों का विरोध करने की बात भी कही।

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