नारायणपुर। खनन गतिविधियों और प्रशासनिक प्रतिबंधों के विरोध में मंगलवार को जिले में ट्रक मालिकों और जनप्रतिनिधियों का आक्रोश सड़कों पर फूट पड़ा। भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए ट्रक यूनियन ने नारायणपुर–अंतागढ़ मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। अचानक हुए प्रदर्शन से घंटों यातायात बाधित रहा और बसें व अन्य वाहन लंबी कतारों में फंसे रहे।
जानकारी के मुताबिक, नारायणपुर जिले के खोड़गांव–अंजरेल क्षेत्र में बीएसपी की लौह अयस्क खदान संचालित है। यहां से निकाले गए अयस्क को ट्रकों के जरिए करीब 50 किलोमीटर दूर अंतागढ़ तक ले जाया जाता है। ट्रक मालिकों का कहना है कि सिंगल लेन मार्ग होने के कारण प्रशासन ने दिन के समय भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया है। केवल रात में ट्रकों को गुजरने की अनुमति है, जिससे चालकों को दिनभर इंतजार करना पड़ता है।
प्रतिबंध के कारण ट्रकों को कोंडागांव होकर लगभग 250 किलोमीटर लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। इससे डीजल, समय और श्रम लागत कई गुना बढ़ गई है। वहीं नारायणपुर से कोंडागांव तक NH130D का निर्माण अधूरा है, जिससे धूल और खराब सड़क के कारण दुर्घटना का खतरा बना रहता है। चालकों का कहना है कि दृश्यता कम होने से अक्सर जाम की स्थिति बनती है।
बताया जा रहा है कि बीएसपी माइंस से जुड़े करीब 250 और निको कंपनी से जुड़े लगभग 600 ट्रक प्रतिदिन इस मार्ग से गुजरते हैं। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि या तो प्रतिबंध हटाए जाएं या स्थायी वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि खदान नारायणपुर में होने के बावजूद डीएमएफ की राशि दूसरे जिले को जा रही है, जिससे स्थानीय विकास प्रभावित हो रहा है।
