दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के देवबलौदा चरोदा स्थित 13वीं शताब्दी के प्राचीन शिव मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर लगने वाले मेले में इस बार विवाद की स्थिति बन गई।
15 फरवरी को एक मुस्लिम दुकानदार द्वारा ठेले पर ‘जय माता दी’ लिखकर गुपचुप बेचने का मामला सामने आया, जिसके बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया और उसका सामान फेंकवा दिया। इसके साथ ही मेले में लगे कई मुस्लिम दुकानदारों की दुकानें भी बंद करवा दी गईं।
जानकारी के अनुसार, विवाद उस समय शुरू हुआ जब एक गुपचुप ठेले पर ‘अजीत चाट भंडार’ और ‘जय माता दी’ लिखा देखा गया। लेकिन ऑनलाइन भुगतान के दौरान क्यूआर कोड स्कैन करने पर दुकानदार का नाम ‘भाईजान चाट वाला’ सामने आया। इस पर बजरंग दल ने पहचान छिपाकर व्यापार करने और थूक व मूत्र जिहाद जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए विरोध किया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस और नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची।
दुकानदार मोहम्मद इस्हाक, निवासी खुर्सीपार ने बताया कि वह पिछले तीन वर्षों से इस मेले में दुकान लगा रहा है। जिस व्यक्ति से उसने गुपचुप-चाट बनाना सीखा, उसी के सम्मान में उसने दुकान का नाम रखा था। उसका उद्देश्य केवल व्यापार करना था, किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं। उसने आगे से अपने असली नाम से ही दुकान लगाने की बात कही है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि मेले में करीब 95 प्रतिशत व्यापारी बाहर से आते हैं और वर्षों से हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग मिलकर व्यापार करते रहे हैं। गांव में आज तक इस तरह का विवाद नहीं हुआ। ग्रामीणों ने साफ कहा कि उन्हें किसी समुदाय से आपत्ति नहीं है, लेकिन पहचान छिपाकर व्यापार करना गलत है।
पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए दुकानदारों को समझाइश दी और शांति बनाए रखने की अपील की। यह घटना आपसी विश्वास और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की जरूरत को एक बार फिर रेखांकित करती है।
